अमृतसर की महिला के पति की मौत हो चुकी है और वह तीन बच्चों के पिता संग लिव इन में रह रही है। उसने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर अपने ही बेटे से जान को खतरा बताया था।
विधवा महिला को तीन बच्चों के पिता से प्रेम बता सहमति संबंध में रहने के लिए सुरक्षा मांगना भारी पड़ गया। अपने बेटे से खतरा बताते हुए सुरक्षा की गुहार लगाने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। हाईकोर्ट ने यह राशि हाईकोर्ट वकीलों की ओर से संचालित निष्काम सेवा ग्रुप में जमा करवाने का आदेश दिया है।
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याचिका दाखिल करते हुए अमृतसर निवासी महिला ने बताया कि उसके पति की मृत्यु हो चुकी है और वह अपने प्रेमी के साथ सहमति संबंध में रह रही है। उसका प्रेमी पहले से विवाहित है और शिक्षक है। प्रेमी के विवाह से तीन बच्चे हैं। याची ने बताया कि सहमति संबंध में रहते हुए उसे अपने बेटे से खतरा है और ऐसे में उसे सुरक्षा मुहैया करवाई जाए।
याचिका पर बहस के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में खतरे से जुड़ी कोई विशेष दलील नहीं मिली है जिसके कारण इस अविवेकी रिश्ते के लिए सुरक्षा दी जाए। हाईकोर्ट के इस रवैये के बाद याचिकाकर्ता ने याचिका को वापस लेने की छूट मांगी। हाईकोर्ट ने इसे मंजूर करते हुए याचिकाकर्ता पर इस याचिका के लिए 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए इसे निष्काम सेवा ग्रुप में जमा करवाने का आदेश दिया है।