अपने मामा के विवाहित बेटे से प्रेम होने की दलील देते हुए उसके साथ सहमति संबंध में रहने के लिए सुरक्षा की मांग का मामला हाईकोर्ट पहुंचा है। हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बाध्य है और ऐसे में दोनों की सुरक्षा की मांग पर लुधियाना के एसएसपी को उचित निर्णय लेने का आदेश दिया है।
याचिका दाखिल करते हुए बताया गया कि याची 21 साल की है और उसका प्रेमी (ममेरा भाई) लक्ष्मी नाम की लड़की से विवाहित है। वह अपनी पत्नी से तलाक लेना चाहता है और तलाक के बाद याची से विवाह कर लेगा। दोनों एक दूसरे से डेढ़ साल से प्यार करते हैं और साथ रहना चाहते हैं। इस बात के बारे में जब याची के परिवार वालों को जानकारी मिली तो उसे धमकी दी गई और जबरन उसका विवाह उसकी मर्जी के खिलाफ करने का प्रयास किया जाने लगा। याची ने इसके बाद अपने घर को छोड़ दिया और अपने प्रेमी के साथ सहमति संबंध में रह रही है।
हाईकोर्ट ने कहा कि यह याचिका नागरिक के तौर पर सुरक्षा के लिए दाखिल की गई है। देश का संविधान प्रत्येक नागरिक को जीवन और सुरक्षा का अधिकार देता है और राज्य इस अधिकार की सुरक्षा करने को बाध्य है। यदि कोई व्यक्ति अपराध करता है, तो यह राज्य का कर्तव्य है कि वह उसके खिलाफ कार्रवाई करे और यह सुनिश्चित करे कि उसके साथ कानून के अनुसार व्यवहार किया जाए। किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। ऐसे में कोर्ट ने लुधियाना के एसएसपी को सुरक्षा की मांग पर उचित निर्णय लेने का आदेश दिया है। कोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह आदेश जोड़े के खिलाफ किसी भी कानूनी कार्रवाई से उन्हें सुरक्षा नहीं देगा और कानून के अनुरूप उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी।