चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर कौमी इंसाफ मोर्चा के प्रदर्शन को समाप्त करने में देरी पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि सरकार लगातार बातचीत कर रही है लेकिन अब तक कोई हल नहीं निकला। इस आंदोलन को ऐसे अनिश्चित काल के लिए नहीं चलने दिया जा सकता। हाईकोर्ट ने अब अगली सुनवाई पर पंजाब सरकार को इस बारे में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
याचिका दाखिल करते हुए अराइव सेफ सोसाइटी चंडीगढ़ की ओर से बताया गया था कि सिख बंदियों की रिहाई के लिए कौमी इंसाफ मोर्चा ने चंडीगढ़-मोहाली मार्ग को बाधित किया है। इस प्रकार का प्रदर्शन लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। ऐसे में हाईकोर्ट इस मामले में दखल दे और सरकार को उचित आदेश जारी करे। पिछली सुनवाई पर पंजाब सरकार ने बताया था कि स्थिति से निपटने के लिए कौमी इंसाफ मोर्चा के नेताओं के साथ बातचीत की जा रही है।
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सुनवाई के दौरान प्रदर्शनकारियों के कैंप में मौत के बारे में कोर्ट को सूचित किया गया। हाईकोर्ट ने जब पंजाब सरकार से इस बारे में जवाब मांगा तो पंजाब सरकार ने इसके लिए मोहलत मांगी। इसके साथ ही प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा से जुड़ी घटना के बारे में भी अगली सुनवाई पर हाईकोर्ट को सूचित करने का आदेश दिया।
हाईकोर्ट ने कहा कि हमें विश्वास है कि सरकार अपने इस प्रयास में सफल होगी लेकिन इसका अंत जल्द होना चाहिए। कोर्ट ने जब प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई को लेकर जवाब मांगा तो मामले की संवेदनशीलता की दलील दी गई। कोर्ट ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस बल कार्रवाई के लिए तैयार है बावजूद इसके अधिकारी निर्णय नहीं ले पा रहे हैं। प्रदर्शन बेहद लंबे समय से चला आ रहा है और इसे अनिश्चित काल के लिए चलने नहीं दिया जा सकता।