पराली जलाने में पंजाब सबसे आगे
पंजाब में भले ही राज्य सरकार पराली प्रबंधन के अनेक उपाय कर रही है। इसके विपरीत केंद्रीय कृषि मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में धान की पराली जलाने वाले छह राज्यों में पंजाब सबसे आगे है। वर्ष 2022 में 15 सितंबर से 30 नवंबर के बीच देश के छह राज्यों में पराली जलाने के कुल 69,615 मामले सामने आए थे। इनमें सबसे ज्यादा 49,922 मामले सिर्फ पंजाब से थे। वर्ष 2021 में भी पंजाब में पराली जलाने के सबसे ज्यादा 71303 मामले दर्ज हुए थे।
इस साल अमृतसर सबसे आगे
पिछले साल पंजाब के पांच जिलों- संगरूर, बठिंडा, फिरोजपुर, मुक्तसर और मोगा में पराली जलाने की घटनाएं सबसे ज्यादा हुई थीं, जो राज्य में पराली जलाने की कुल घटनाओं का लगभग 44 प्रतिशत था। इस साल सरकार ने अपने एक्शन प्लान के तहत छह जिलों- होशियारपुर, मालेरकोटला, पठानकोट, रूपनगर, एसएएस नगर (मोहाली) और एसबीएस नगर पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है लेकिन बीते 16 दिन के दौरान अमृतसर जिले में सबसे ज्यादा पराली जलाने के 86 मामले सामने आए हैं। वहीं, तरनतारन में भी पराली जलाने के 6 केस दर्ज हुए हैं।
बढ़ने लगा प्रदूषण का स्तर
पंजाब में पराली जलने की घटनाओं के साथ ही कई जिलों में प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है। अमृतसर में जहां पराली जलाने के मामले सबसे अधिक सामने आ रहे हैं, वहां वायु प्रदूषण का स्तर एक अक्तूबर को जहां 86 था, वह बढ़कर 109 पहुंच गया है। इसी तरह मंडी गोबिंदगढ़ में प्रदूषण का स्तर 106 से बढ़कर 167 जा पहुंचा है।