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कैबिनेट की बैठक: पंजाब में एकल इमारत को नियमित करने का एक और मौका, जानें- चुकानी होगी कितनी फीस

Fri, 18 Jun 2021 09:32 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब कैबिनेट ने नगर निगम व नगर पालिका की सीमा से बाहर बने एकल भवनों को नियमित करने का एक और मौका दिया है। इन इमारतों को मामूली फीस और सरकारी बकाये का निपटारा करने बाद नियमित किया जाएगा। 
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पंजाब कैबिनेट की बैठक। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब मंत्रिमंडल ने आवास निर्माण और शहरी विकास विभाग की मंजूरी के बिना म्युनिसिपल सीमा से बाहर बनी एकल इमारतों को बिल्डिंग बायलॉज के कड़े पालन के साथ नियमित करने की मंजूरी दे दी है। यह एकमुश्त निपटारा नीति के लिए आवेदन 31 मार्च, 2022 तक स्वीकृत किए जाएंगे। इस नीति के तहत ऐसी इमारतों को साधारण फीस और सरकारी बकाये के निपटारे की अदायगी के साथ नियमित किया जा सकेगा। इसके अलावा इनको योजनाबंदी के दायरे के तहत लाया जाएगा।

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मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि यह नीति सभी बकाये मामलों और 31 मार्च, 2022 तक सौंपे जाने वाले मामलों के लिए लागू होगी। ऐसी इमारतें जो मास्टर प्लान के अनुकूल इमारती नियमों के अंतर्गत बनाई गई हैं, पर विचार किया जाएगा।

इस नीति में रेगुलाइजेशन फीस के साथ सीएलयू, ईडीसी, एलएफ/पीएफ, एसआईएफ और इमारती जांच फीस जैसी सभी कानूनी फीसों को अदा करना होगा, जिनमें फार्म हाउस के मामले में कवर एरिया के 20 रुपये प्रति वर्ग फुट, शिक्षा व मेडिकल संस्थाओं के लिए 20 रुपये, होटलों व ईटिंग ज्वाइंट समेत कामर्शियल के लिए 35 रुपये, इंडस्ट्रियल के लिए 15 रुपये और धार्मिक, सामाजिक चैरिटेबल संस्थाओं के लिए एक रुपये अदा करने होंगे।

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बस ऑपरेटरों के लिए परमिट नवीनीकरण संबंधी नियमों में ढील देने की मंजूरी

लिंक सड़कों को मुख्य जिला सड़कों व अन्य सीधे मार्गों के तौर पर अपग्रेड होने के कारण मिनी बस ऑपरेटरों को परमिट के नवीनीकरण में आ रही मुश्किलों को दूर करने के लिए पंजाब मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को इस संबंधी नियमों को आसान बनाने पर सहमति दे दी। 

इन ऑपरेटरों को पंजाब ट्रांसपोर्ट स्कीम-2018 की धारा 3(ई) से छूट देने का फैसला किया गया है, जिसके उपरोक्त स्कीम लागू होने से पहले मोटर वाहन एक्ट, 1988 के चैप्टर 5 के अनुसार सरकारी बसों के लिए परमिट जारी किया गया था। ट्रांसपोर्ट स्कीम, 2018 की धारा 3(ई) के अनुसार, ग्रामीण लिंक सड़कों पर बस चलाने वाले ऑपरेटर अन्य जिला सड़कों, मुख्य जिला सड़कों, राज मार्गों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर 12 किलोमीटर से अधिक बस नहीं चला सकते। 

कांग्रेस नेताओं के पोतों को सरकार ने दी नौकरी
एक विशेष केस के तौर पर मंत्रिमंडल ने अर्जुन प्रताप सिंह बाजवा को पंजाब पुलिस में इंस्पेक्टर (ग्रुप-बी) के तौर पर नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। आवेदक पंजाब के पूर्व मंत्री सतनाम सिंह बाजवा के पोते हैं, जिन्होंने राज्य में अमन और सद्भावना की खातिर 1987 में अपनी जान कुर्बान कर दी थी। उनकी नियुक्ति मौजूदा नियमों में इसे प्रथा बनाए बिना एक-बार की माफी/ढील देते हुए की गई है। 

एक अन्य फैसले में मंत्रिमंडल ने 1987 में आतंकवादियों द्वारा मारे गए जोगिंद्र पाल पांडे के पोते भीषम पांडे की राजस्व विभाग में नायब तहसीलदार (ग्रुप-बी) के तौर पर नियुक्ति को भी मंजूरी दे दी है। उनकी नियुक्ति को अनुकंपा के आधार पर नियुक्तियों संबंधी पॉलिसी, 2002 में एक बार छूट देकर विशेष केस के तौर पर माना गया है। 
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