लिंक सड़कों को मुख्य जिला सड़कों व अन्य सीधे मार्गों के तौर पर अपग्रेड होने के कारण मिनी बस ऑपरेटरों को परमिट के नवीनीकरण में आ रही मुश्किलों को दूर करने के लिए पंजाब मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को इस संबंधी नियमों को आसान बनाने पर सहमति दे दी।
इन ऑपरेटरों को पंजाब ट्रांसपोर्ट स्कीम-2018 की धारा 3(ई) से छूट देने का फैसला किया गया है, जिसके उपरोक्त स्कीम लागू होने से पहले मोटर वाहन एक्ट, 1988 के चैप्टर 5 के अनुसार सरकारी बसों के लिए परमिट जारी किया गया था। ट्रांसपोर्ट स्कीम, 2018 की धारा 3(ई) के अनुसार, ग्रामीण लिंक सड़कों पर बस चलाने वाले ऑपरेटर अन्य जिला सड़कों, मुख्य जिला सड़कों, राज मार्गों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर 12 किलोमीटर से अधिक बस नहीं चला सकते।
कांग्रेस नेताओं के पोतों को सरकार ने दी नौकरी
एक विशेष केस के तौर पर मंत्रिमंडल ने अर्जुन प्रताप सिंह बाजवा को पंजाब पुलिस में इंस्पेक्टर (ग्रुप-बी) के तौर पर नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। आवेदक पंजाब के पूर्व मंत्री सतनाम सिंह बाजवा के पोते हैं, जिन्होंने राज्य में अमन और सद्भावना की खातिर 1987 में अपनी जान कुर्बान कर दी थी। उनकी नियुक्ति मौजूदा नियमों में इसे प्रथा बनाए बिना एक-बार की माफी/ढील देते हुए की गई है।
एक अन्य फैसले में मंत्रिमंडल ने 1987 में आतंकवादियों द्वारा मारे गए जोगिंद्र पाल पांडे के पोते भीषम पांडे की राजस्व विभाग में नायब तहसीलदार (ग्रुप-बी) के तौर पर नियुक्ति को भी मंजूरी दे दी है। उनकी नियुक्ति को अनुकंपा के आधार पर नियुक्तियों संबंधी पॉलिसी, 2002 में एक बार छूट देकर विशेष केस के तौर पर माना गया है।