किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि 20 गांवों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका गया है। केंद्र सरकार दिल्ली मोर्चे के दौरान मांगें स्वीकार करने संबंधी लिखित सहमति पत्र से पूरी तरह मुकर चुकी है। पीएम मोदी को पंजाब में रैली करने का कोई नैतिक हक नहीं है।
दिल्ली मोर्चे में उनके साढ़े सात सौ किसान शहीद हुए हैं, उनके परिवार के किसी एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी नहीं दी है और न मुआवजा दिया है। लखीमपुर खीरी कांड में किसानों के कातिल अशीष मिश्रा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की बल्कि जमानत दिलवा दी है, जो सरेआम घूम रहा है। क्रांतिकारी किसान यूनियन के नेता अवतार सिंह महिमा ने कहा कि दिल्ली के बार्डर से किसानों का आंदोलन खत्म करवाते समय केंद्र सरकार ने वादे किए थे। मगर पूरे नहीं किए हैं।
संयुक्त किसान मोर्चे ने पीएम मोदी की रैली का विरोध करने की घोषणा की है। कई गांव में रैली निकालने के बाद डीसी दफ्तर के सामने पहुंच केंद्र की मोदी सरकार का पुतला फूंका है। 16 फरवरी को पंजाब भर के डीसी दफ्तर और तहसील स्तर पर धरने लगाए जाएंगे और मोदी सरकार के पुतले फूंके जाएंगे। किसान नेताओं ने पंजाब के लोगों से अपील की है कि 750 किसानों की जान लेने वाली भाजपा और उसकी सहयोग पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस (कैप्टन अमरिंदर सिंह) और सुखदेव सिंह ढींडसा की शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त) का बहिष्कार करें।
किसानों ने भाजपा प्रत्याशी सुरजीत ज्याणी का किया विरोध
फाजिल्का के गांव राणा में भाजपा प्रत्याशी सुरजीत ज्याणी चुनाव प्रचार करने पहुंचे। वहीं पर किसान संगठन पहुंच गए। किसानों ने ज्याणी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दोनों पक्षों में तनावपूर्ण माहौल बन गया था। ज्याणी किसानों को ठेंगा दिखा रहे थे। पुलिस के कारण दोनों पक्ष दूर-दूर रहे। किसानों ने इन दिनों भाजपा प्रत्याशियों के लिए परेशानी पैदा कर दी है। अब मतदान को छह दिन बचे हैं।