कैप्टन अमरिंदर सिंह को पद से हटाने के बाद भी पंजाब कांग्रेस का संकट बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को नवजोत सिंह सिद्धू ने प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया तो कुछ ही घंटे बाद मंत्री रजिया सुल्ताना ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस बात की जानकारी सिद्धू के सलाहकार और रजिया सुल्ताना के पति पूर्व आईपीएस मोहम्मद मुस्तफा ने ट्वीट कर दी। उन्होंने ट्वीट किया कि कांग्रेस और नेतृत्व के सर्वोत्तम हित में अपनी पत्नी के सैद्धांतिक निर्णय पर गर्व है।
रजिया सुल्ताना पहली बार 2002 में मालेरकोटला विधानसभा सीट से विधायक बनीं। 2007 में दूसरी बार इसी सीट से जीत दर्ज की। हालांकि 2012 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। 2017 में मालेरकोटला से तीसरी बार विधानसभा चुनाव जीता। इसके बाद उन्हें कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार में मंत्री बनाया गया था। कैप्टन अमरिंदर के इस्तीफे के बाद चरणचीत सिंह चन्नी की सरकार में भी कैबिनेट मंत्री बनाया गया और मंगलवार को ही उन्हें जलापूर्ति एवं स्वच्छता, सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास, प्रिंटिंग एंड स्टेशनरी विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
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पंजाब में बढ़ी सियासी खलबली
पंजाब कांग्रेस में एक दिन में कई बड़े नेताओं के इस्तीफे से सियासी खलबली मच गई। उधर, सूत्रों से जानकारी मिली है कि मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी मंत्रियों के साथ बैठक कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह दिल्ली पहुंच गए हैं। ताजा घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक गलियारों में कयासबाजी तेज हो गई है। वहीं सिद्धू समर्थन अब मुखर होकर सामने आने लगे हैं और अपनी नाराजगी भी जता रहे हैं।
चौंकानेवाली नहीं है इस्तीफे की खबर, पार्टी में ऐसे हालात ही बने: मोहम्मद मुस्तफा
अपनी पत्नी कैबिनेट मंत्री रजिया सुल्ताना के साथ पटियाला में सिद्धू के आवास पर पहुंचे पूर्व आईपीएस अधिकारी व सिद्धू के सलाहकार मोहम्मद मुस्तफा ने कहा कि सिद्धू के करीबियों के लिए उनके इस्तीफे की खबर बिल्कुल भी चौंकानेवाली नहीं है। क्या करें, पार्टी में हालात ही कुछ ऐसे बन गए थे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने माना कि सरकार में कुछ ऐसे फैसले लिए गए, जो पंजाब कांग्रेस प्रधान को पसंद नहीं थे।