पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी सोमवार को अमृतसर के सीमावर्ती गांव खुआली पहुंचे। यहां किसानों का हालचाल जाना। उन्होंने गांव में एक परिवार के साथ खाना भी खाया। इससे पहले गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि अच्छी शिक्षा के बिना कोई राज्य तरक्की नहीं कर सकता। शिक्षा ही इंसान को गरीबी से बाहर निकाल सकती है। इसीलिए पंजाब सरकार लोगों को आटा-दाल वाली सोच से बाहर निकालकर बच्चों को सस्ती और उच्च स्तरीय शिक्षा मुहैया करवाने पर जोर देना चाहती है। इसके लिए बहुत जल्द शिक्षा का नया मॉडल लाया जाएगा।
मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने सोमवार को गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी में डॉ. बीआर अंबेडकर चेयर, संत कबीर चेयर, बाबा जीवन सिंह व भाईजैता जी चेयर, मक्खन संह लुबाना और भगवान वाल्मीकी चेयर का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज को ऊपर उठाने में इन शख्सियतों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इनके संदेश को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना जरूरी है। उक्त महान शख्सियतों के नाम पर चेयर स्थापित करने का मकसद भी यही है।
नवजोत सिंह सिद्धू और सांसद गुरजीत सिंह औजला को खुले दिल से गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी को ग्रांट देने को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा स्तर को ऊंचा उठाने के लिए यूनिवर्सिटी के उप कुलपति जो भी योजनाएं बनाएं उन पर पहरा दिया जाए और यूनिवर्सिटी की वित्त से संबंधित कमी को हर हाल में पूरा किया जाए।
आज शुरु की गई चेयरों के बारे में चन्नी ने उम्मीद जताई कि इनका नेतृत्व कर रहे विभाग प्रमुख और अध्यापक अच्छी शोध और नतीजे देंगे। संविधान के निर्माता डॉ. बीआर अंबेडकर की आज बरसी के मौके पर उन्होंने कहा कि उनके पद चिन्हों पर चलते हुए और उनके संदेश को आगे ले जाने के लिए जालंधर में 100 करोड़ रुपये की लागत से म्यूजियम शुरू किया जा रहा है, जिसे डेढ़ साल में मुकम्मल कर लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वे भलाई कामों के साथ-साथ शिक्षा, सेहत और अन्य सेवाएं मुहैया करवाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों और पंजाब के भविष्य के लिए मुफ्त और सस्ती शिक्षा मुहैया करवाना सरकार की जिम्मेदारी है। पंजाब सरकार द्वारा तैयार किए जाने वाला शिक्षा का नया मॉडल बहुत जल्द लोगों के सामने लाया जाएगा।
उन्होंने कला के क्षेत्र में अमृतसर की महान शख्सियतों द्वारा निभाई भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि पंजाब सरकार गुरमीत बावा की याद में संगीत अकादमी स्थापित करना चाहती है। यूनिवर्सिटी पहुंचने पर उप कुलपति प्रो. जसपाल सिंह संधू ने मुख्यमंत्री और अन्य शख्सियतों का स्वागत किया।