कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो)
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पंजाब में टीकाकरण की दूसरी खुराक के लिए 2 लाख से अधिक डोज की मौजूदा मांग का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य की जनसंख्या के टीकाकरण के लिए मंगलवार को केंद्र सरकार के समक्ष तुरंत 40 लाख डोज उपलब्ध कराने की मांग रखी।
कोविड की समीक्षा के लिए बुलाई वर्चुअल मीटिंग में बताया गया कि राज्य को मंगलवार को 2.46 लाख डोज मिलने की संभावना है लेकिन मुख्यमंत्री ने कहा कि टीकों की सप्लाई कम है। कोविशील्ड खत्म हो गई है और कोवॉक्सिन की सोमवार को सिर्फ 3500 डोज बचीं थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में पहले ही 90 लाख से अधिक योग्य व्यक्तियों (योग्य जनसंख्या का करीब 37 प्रतिशत) ने टीका लगा लिया है और सारा स्टाक बिना कोई समय व्यर्थ गवाएं इस्तेमाल किया गया। 75 लाख लोगों ने पहली और 15 लाख लोगों ने दूसरी खुराक लगवा ली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सप्लाई की कमी पूरी करने के लिए केंद्र को राज्य के लिए टीकों की तुरंत डिलीवरी का प्रबंध करने की जरूरत है, ताकि जिन्हें दूसरे डोज की जरूरत है, उन्हें टीके लगाए जाएं जबकि अन्य योग्य व्यक्तियों के लिए भी टीकाकरण जारी रखा जा सके।
ब्लैक फंगस पीड़ितों को भी मिलेगा दिव्यांगों की स्कीमों का लाभ
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को दिव्यांगों के लिए मौजूदा स्कीमों का दायरा बढ़ाते हुए इनमें उन व्यक्तियों को भी शामिल करने का एलान किया जो ब्लैक फंगस के कारण दिव्यांग (शारीरिक तौर पर पीड़ित) हो गए हैं। मुख्यमंत्री ने यह एलान वर्चुअल कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्य में कोविड की स्थिति की समीक्षा करते हुए किया। उन्होंने कहा कि उपरोक्त लाभ, दिव्यांग हो जाने को ध्यान में रखते हुए प्रदान किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने मेडिकल शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि ब्लैक फंगस के ठीक हुए मामलों की मुफ़्त जांच के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में पोस्ट कोविड केयर सेंटर स्थापित किए जाएं। हालांकि ब्लैक फंगस के मामलों में कमी आई है और बीते हफ्ते प्रतिदिन सिर्फ 3-4 मामले ही सामने आए हैं लेकिन फिर भी मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि स्थिति की निगरानी की जाए और कोविड से ठीक हो रहे मरीजों पर नजर रखी जाए।