पंजाब में तीसरी लहर की संभावनाओं को देखते हुए पहली बार स्वास्थ्य विभाग 18 साल तक वालों पर सीरो सर्वे करा रहा है। राज्य के हर जिले से इस आयु वर्ग के 92-92 नमूने लिए जाएंगे। अधिकारियों ने इस सप्ताह नमूने लेने का काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने 30 जुलाई तक सर्वे का काम पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
इससे पहले सूबे में स्वास्थ्य विभाग कई बार वयस्कों में सीरो सर्वे करा चुका है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर स्वास्थ्य विभाग को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा है। बच्चों में सबसे ज्यादा तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर बाल रोग विशेषज्ञों की टीम मिलकर एक चिकित्सा का मानक तैयार कर रही है।
अब स्वास्थ्य विभाग कोरोना संक्रमण के प्रसार को मापने के लिए छह से 18 वर्ष की आयु के बच्चों और युवाओं के बीच एक सीरो सर्वेक्षण कर रहा है। सर्वेक्षण के लिए नोडल अधिकारी पहले ही नियुक्त किए जा चुके हैं। जिलों में नमूने एकत्रित करने का काम शुरू हो चुका है। विभाग के अनुसार हर जिले से करीब 92 नमूने एकत्र किए जा रहे हैं।
नमूनों का काम 10 दिन में होगा पूरा
राज्य नोडल अधिकारी डॉ. राजेश भास्कर ने बताया कि नमूने लेने का काम शुरू कर दिया गया है। जिला स्तर पर लिए जाने वाले नमूनों का काम 10 दिन में पूरा होने की उम्मीद है। सर्वे से तीसरी लहर की तैयारी में मदद मिलेगी।
पंजाब में कोरोना से चार की मौत
पंजाब में कोरोना संक्रमण से मंगलवार को चार मरीजों ने दम तोड़ दिया। संक्रमण के 68 नए मामले सामने आए हैं। अस्पतालों में भर्ती 11 मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है। अब तक सूबे में 16244 लोगों की संक्रमण से मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मंगलवार को राज्य में हुई 4 मौतों में फतेहगढ़ साहिब में 1, फिरोजपुर में 2 और मुक्तसर में 1 शामिल हैं। ब्लैक फंगस के 654 मामले अब तक सामने आ चुके हैं। इनमें 326 पीड़ितों का सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है। 201 संक्रमित इलाज के बाद स्वस्थ हो चुके हैं।