पंजाब के राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर और सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह।
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अमेरिका और कनाडा में छिपे खालिस्तानी समर्थक संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने शनिवार को पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर को धमकी दी है। पन्नू ने कहा कि कैप्टन और बदनौर स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण न करें और न ही इस संबंधी कार्यक्रमों में शिरकत करें। ऐसे करने पर दोनों अपने राजनीतिक मौत के खुद जिम्मेदार होंगे।
पन्नू ने दोपहर तक दो बार फोन किया। पन्नू ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धमकी दी है कि वे स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ध्वजारोहण न करें। इससे पहले हिमाचल और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों को धमकी दी जा चुकी है। पन्नू के पत्रकारों को फोन किया कि हमारे किसान मर रहे हैं, इसलिए ध्वजारोहण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वहीं, कुछ दिन पहले पन्नू ने हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल को भी विदेशी नंबरों से की गई कॉल के जरिए यह धमकी दी थी कि हिमाचल और हरियाणा पंजाब का ही हिस्सा हैं। इसलिए इनमें अलग से ध्वजारोहण की अनुमति नहीं दी जाएगी।
भारत सरकार दो साल पहले ही एसएफजे को आतंकवादी संगठन घोषित कर चुकी है। पहले भी पन्नू की ओर से फोन कर पंजाब में आतंक और अलगाव को शह देने की कोशिशें की जाती रही हैं। दो साल पहले कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के अमृतसर दौरे के दौरान भी पन्नू ने फोन कर कैप्टन को धमकी दी थी। इसके जवाब में कैप्टन ने कहा था कि पन्नू एक बार पंजाब आकर तो देखे।