1854 खरीद केंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के इतिहास में पहली बार लिफ्टिंग पहले दिन से ही शुरू हुई है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि समूची प्रक्रिया के डिजीटाइजेशन के साथ खरीद, लिफ्टिंग और अदायगी एक ही दिन की जाएगी। उन्होंने डिप्टी कमिशनरों से कहा कि किसानों को समय पर अदायगी के निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन किया जाए।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पंजाब मंडी बोर्ड की ओर से 1854 खरीद केंद्र नोटिफाई करके सरकारी खरीद एजेंसियों को अलॉट किए गए हैं। मंडियों में अनाज लाने वाले किसानों के हितों की रक्षा के लिए बायोमीट्रिक की तकनीक शुरू की गई है और अनाज की लिफ्टिंग में पारदर्शिता लाने के लिए वाहनों को ऑनलाइन गेट पास जारी किए जा रहे हैं।
पराली जलाने के नुकसान के बारे में किसानों को जागरूक करें
मुख्यमंत्री ने हिदायत दी कि पराली जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में किसानों को जागरूक किया जाए। उन्होंने डिप्टी कमिशनरों से कहा कि अगले 15 दिन तक अपने इलाकों में पराली जलाने की घटनाओं की रोकथाम के लिए कड़ी निगरानी करें। उन्होंने कहा कि किसानों को पराली जलाने से रोका जाए और उन्हें इससे पर्यावरण और मानवीय जीवन को पैदा होते गंभीर खतरे के प्रति आगाह किया जाए। मान ने कहा कि पराली के निपटारे के लिए बीते साल के मुकाबले 23000 अधिक खेती मशीनें दीं गई हैं।
बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा बांटने का काम जारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने बाढ़ से प्रभावित लोगों को मुआवजा बांटने की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी है। मान ने कहा कि लोगों को उनके नुकसान के एक-एक पैसे का मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि बाढ़ से हुए नुकसान का मुआवजा देने के लिए राज्य के आपदा राहत फंड में उपयुक्त फंड है।