बैठक में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव ए. वेणु प्रसाद, प्रमुख सचिव अनुराग वर्मा, डीजीपी वीके भावरा, एडीजीपी (एजीटीएफ) प्रमोद बान, एआईजी (एजीटीएफ) गुरमीत सिंह चौहान, डीआईजी (एजीटीएफ) गुरप्रीत सिंह भुल्लर और डीएसपी (एजीटीएफ) बिक्रमजीत सिंह बराड़ उपस्थित रहे।
पुलिस व एसएसओसी की सेवाएं लेने को अधिकृत किया
मुख्यमंत्री मान ने एजीटीएफ को राज्य भर के 361 पुलिस थानों की तरफ से दी जाने वाली सेवाओं के अलावा मोहाली, अमृतसर और फाजिल्का में स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) की सेवाओं का इस्तेमाल करने के लिए भी अधिकृत किया।
उन्होंने एजीटीएफ के प्रमुख को एक हफ्ते में इस फोर्स की भूमिका, कार्यों और जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निर्धारित करने के लिए स्टैंडिंग आर्डर (एसओ) तैयार करने को भी कहा। साथ ही भगवंत मान ने गैंगस्टरों की तरफ से बड़े स्तर पर फैलाई दहशत को रोकने के लिए तालमेल और प्रभावी कार्रवाई के लिए अंतरराज्यीय तालमेल तेज करने पर भी जोर दिया।
जनता को दफ्तरों में मोबाइल ले जाने की अनुमति: मान
भगवंत मान ने कहा है कि यह ध्यान में आया है कि कुछ दफ्तरों में आम लोगों के मोबाइल फोन ले जाने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। इस कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने एलान किया कि अब दफ्तरों में मोबाइल फोन लाने पर पाबंदी नहीं होगी। हालांकि ऐसे दफ्तरों में मोबाइल फोन ले जाने पर आंशिक पाबंदी रहेगी, जहां सुरक्षा कारणों से ऐसा करना लाजिमी हो।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर पंजाब सरकार की ओर से दफ्तरों में दूरदराज से कामकाज के लिए आने वाले लोगों की सुविधा के लिए सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागों के मुखियों, डिविजनल कमिश्नरों और डिप्टी कमिश्नरों को सभी अधिकारियों व कर्मचारियों के दफ्तरी समय के लिए पाबंद रहने के विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही पब्लिक डिलिंग वाले दफ्तरों में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति के साथ अच्छा व्यवहार करने और ठीक ढंग से मार्गदर्शन करने के अलावा आम जनता को मिलने के लिए समय निर्धारित करने के निर्देश दिए गए हैं।