पंजाब को 50 करोड़ की अतिरिक्त राशि देने की मांग
मुख्यमंत्री ने राज्य को सीमावर्ती पुलिस थानों और खुफिया ढांचे को मजबूत करने के लिए 50 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि मुहैया कराए जाने की मांग भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई उभरती सुरक्षा चुनौतियां हैं और पंजाब सरकार सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है।
सीमा पर कंटीले तार व सरहद की दूरी घटाने की मांग
चिंतन शिविर के पहले दिन गुरुवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अमित शाह से भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कंटीली बाड़ और दोनों देशों की वास्तविक सीमा के बीच की दूरी को कम करने का आग्रह किया ताकि कंटीली बाड़ के पार अपनी जमीन पर खेती करने वाले किसानों की सुविधा हो सके। मान ने अमित शाह से राज्य में भारत-पाकिस्तान सीमा पर कंटीली बाड़ से किसानों की हो रही समस्याओं के बारे में सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र के किसानों की सुविधा के लिए कंटीली तारों और वास्तविक सीमा के बीच दूरी को मौजूदा एक किलोमीटर के बजाय 150-200 मीटर तक कम किया जाना चाहिए। इससे एक ओर भूमि का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित होगा और दूसरी ओर देश की सुरक्षा भी मजबूत होगी।
वहीं, भगवंत मान ने सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम (बीएडीपी) के तहत लंबित धनराशि जारी करने की गुहार भी लगाई। उन्होंने कहा कि दो वित्त वर्षों से पंजाब को बीएडीपी के तहत राशि का वितरण नहीं किया गया है। मान ने पुलिस बल आधुनिकीकरण (एमओपीएफ) फंड के मामले में भी पंजाब को छूट दिए जाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में एमओपीएफ योजना के तहत श्रेणी-बी राज्यों के लिए निर्माण कार्य और परिचालन वाहनों संबंधी धन का अनुदान बंद कर दिया गया है। हालांकि, मान ने कहा कि पंजाब को छूट देते हुए निर्माण और परिचालन वाहनों पर एमओपीएफ फंड खर्च करने की अनुमति दी जानी चाहिए। मान ने वर्ष 2022-23 के लिए 24 करोड़ रुपये की राज्य कार्य योजना (एसएपी) को मंजूरी देने के मामले में भी शाह से हस्तक्षेप की मांग की।