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पंजाब कैबिनेट: कांट्रेक्ट सफाई सेवकों की सेवाएं होंगी नियमित, ईंट बनाने के लिए 3 फुट तक मिट्टी की खुदाई गैरकानूनी नहीं

Thu, 09 Dec 2021 09:25 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

परिवहन मंत्री ने ठेका मुलाजिमों को भरोसा दिलाया था कि अगली कैबिनेट बैठक में उनकी मांगों पर फैसला लिया जाएगा।  
 
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पंजाब कैबिनेट की बैठक। - फोटो : फाइल
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विस्तार
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पंजाब कैबिनेट ने गत 18 जून की बैठक में लिए फैसले से पहले शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) में ठेके के आधार पर काम करने वाले सफाई सेवकों और सीवरमैन की सेवाओं को नियमित करने की मंजूरी दे दी। इस फैसले से 4587 कर्मचारियों को लाभ होगा। गुरुवार दोपहर पंजाब भवन में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की मीटिंग के दौरान फैसला लिया गया।

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उल्लेखनीय है कि इन कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने के साथ, प्रोबेशन पीरियड के पहले तीन वर्षों के दौरान 46 करोड़ का अतिरिक्त सालाना वित्तीय बोझ सरकार पर पड़ेगा। प्रोबेशन पीरियड के बाद सालाना वृद्धि और अन्य भत्ते दिए जाएंगे। यह अतिरिक्त वित्तीय बोझ शहरी स्थानीय संस्थाओं द्वारा वहन किया जाएगा।

पानी के बिलों का 500 करोड़ का बकाया माफ होगा

राज्य के लोगों को बड़ी राहत देते हुए कैबिनेट ने पानी के 500 करोड़ रुपये के बकाया बिलों को माफ करने का फैसला किया है। राज्य सरकार द्वारा लिए गए फैसले के अनुसार जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग की ओर से चलाई जा रही योजनाओं के ग्रामीण उपभोक्ताओं के पानी के बिलों के 256.97 करोड़ रुपये के बकाए माफ किए गए हैं। इसके अलावा शहरी क्षेत्रों में विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के लिए 17.98 करोड़ माफ किए गए हैं। साथ ही ग्राम पंचायतों/समितियों द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के लिए भी 224.55 करोड़ की राशि माफ की गई है।

3 फुट की गहराई तक ईंट बनाने के लिए मिट्टी की खुदाई गैर-खनन गतिविधि घोषित

पंजाब कैबिनेट ने राज्य में 2 एकड़ तक के क्षेत्रफल और 3 फुट तक गहराई तक ईंट बनाने के लिए मिट्टी/साधारण मिट्टी की खुदाई के काम को गैर-खनन गतिविधि घोषित कर दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता के अनुसार, भट्ठा मालिक इस उद्देश्य के लिए फार्म ‘ए’ के अनुसार लाइसेंस के लिए आवेदन देंगे और फार्म ‘बी ’ में लाइसेंस प्राप्त करेंगे। जहां मिट्टी निकालने की कार्यवाही निर्धारित सीमा से ज्यादा की जाती है तो उस मामले को पंजाब माइनर मिनरल रूल्स (पीएमएमआर), 2013 के साथ-साथ मौजूदा दिशा-निर्देशों के अनुसार निपटाया जाएगा। यह ईंट भट्टों को चलाने की प्रक्रिया को आसान बनाने के साथ-साथ खपतकारों को सस्ते भाव पर ईंटों की निर्विघ्न सप्लाई को यकीनी बनाएगा।

उल्लेखनीय है कि पंजाब के भट्ठा मालिकों की तरफ से ईंटें बनाने के लिए मिट्टी निकालने की कार्यवाही को गैर-माइनिंग गतिविधि घोषित करने के लिए अलग-अलग आवेदन प्राप्त हुए हैं। ईंट-भट्टों के मालिकों ने अपने विनती पत्रों में फील्ड की समस्याओं को उजागर किया है, जैसे कि वातावरण संबंधी मंजूरी प्राप्त करने में ज्यादा समय लगता है, जमीन मालिक अपनी जमीनों से लंबे समय तक मिट्टी निकालने की इजाजत नहीं देते हैं, क्योंकि उनको खेतों में फसलों की बिजाई करनी होती हैं और ईंट भट्ठों का काम साल के छह माह ही चलता है।

एक नवंबर से घटी बिजली दरों का लाभ मिलेगा

एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में कैबिनेट ने एक दिसंबर, 2021 के बजाय अब 1 नवंबर, 2021 से 7 किलोवाट तक के लोड वाले घरेलू बिजली खपतकारों को बिजली दरों में 3 रुपये प्रति यूनिट की कटौती करके बड़ी राहत देने का फैसला किया है। इस फैसले से सरकारी खजाने पर 151 करोड़ रुपये का सालाना वित्तीय बोझ पड़ेगा, इस तरह घटाई गई दरों से 71.75 लाख घरेलू खपतकारों में से लगभग 69 लाख को लाभ होगा।

कुक्कड़पिंड, फोलड़ीवाल का स्कूल सरकार अपने अधिकार में लेगी

जालंधर के सरकारी सहायता प्राप्त निजी स्कूल, पब्लिक हाई स्कूल कुक्कड़पिंड के प्रबंधकों की सहमति को मंजूर करते हुए कैबिनेट ने जनहित में राज्य सरकार की तरफ से इस स्कूल की सभी संपत्तियों समेत अपने अधिकार में लेने की मंजूरी दे दी है। अकेला कर्मचारी जो स्कूल में सहायता प्राप्त पद पर काम कर रहा है, उसे स्कूल शिक्षा विभाग में खाली पद पर रेगुलर किया जाएगा। इसी तरह कैबिनेट ने जालंधर के जनता हाई स्कूल फोलड़ीवाल (पीएसईबी से संबंधित निजी स्कूल) को भी अपने अधिकार में लेने का फैसला किया है, जो 2008 से बंद पड़ा है। इस समय गांव फोलड़ीवाल की पंचायत के तहत इस स्कूल के आसपास कोई भी सरकारी स्कूल न होने के कारण इस क्षेत्र के विद्यार्थियों को कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

एकल इमारतों को ‘जैसे है, जहां है’ के आधार पर नियमित करने की आज्ञा

कैबिनेट ने एकल इमारतों जैसे शैक्षिक, मेडिकल, व्यापारिक, फार्म हाउस, धार्मिक, सामाजिक, चैरिटेबल इंस्टीट्यूट जो म्यूनिसिपल हदों, अर्बन एस्टेटों और औद्योगिक फोकल प्वाइंटों से बाहर आवास निर्माण और शहरी विकास विभाग की इजाजत के बिना बनाईं गई थीं, को रेगुलराइजेशन फीस लेकर ‘जैसे है, जहां है’ के आधार पर नियमित करने का फैसला किया है। इस संबंध में आवेदन 31 दिसंबर, 2022 तक अपेक्षित फीस अदा करके जमा करवाई जा सकती है।

पंजाबी भाषा के लिए सेवा नियमों में संशोधन

राज्य में पंजाबी भाषा को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने सभी विभागों के साथ-साथ बोर्ड, कारपोरेशन, आयोग, अथॉरिटी, अर्ध सरकारी संस्थाओं (पैरास्टैटल) आदि में सीधी भर्ती के लिए पंजाबी भाषा की अपेक्षित योग्यता को लागू करने का फैसला किया है। कैबिनेट ने सभी विभागों, बोर्ड, कारपोरेशन, अथॉरिटी, अर्ध सरकारी संस्थाओं आदि को तुरंत अपने सेवा नियमों में संशोधन करने के आदेश दिए हैं, ताकि पंजाब सिविल सेवा (सेवा की आम और साझी शर्तें) नियम-1994 की धारा 17 के तहत पंजाबी भाषा के ज्ञान की व्यवस्था को अनिवार्य बनाया जा सके। 

कपास उत्पादकों के लिए राहत राशि बढ़ाकर 17000 रुपये की

राज्य भर के कपास उत्पादकों को बड़ी राहत देते हुए कैबिनेट ने कपास की फसल के 76-100 प्रतिशत नुकसान के लिए राहत राशि बढ़ाने की मंजूरी दे दी। इसके तहत मौजूदा राशि में 5000 रुपये प्रति एकड़ को बढ़ाकर 12000 प्रति एकड़ से 17000 प्रति एकड़ कर दिया है। यह राहत 1 जून, 2021 से लागू होगी। उल्लेखनीय है कि गुलाबी सूंडी से कपास की फसल को हुए नुकसान से प्रभावित किसानों को 416 करोड़ की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है।

आबकारी और कराधान विभाग में सेवा नियमों को मंजूरी

आबकारी एवं कराधान विभाग के कामकाज में कुशलता, पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने के लिए कैबिनेट ने पंजाब आबकारी और कराधान विभाग (सब-ऑर्डिनेट ऑफिसेज) (मिनिस्ट्रियल) ग्रुप-सी, सेवा नियम-2021 को पंजाब आबकारी एवं कराधान विभाग (सबऑर्डिनेट ऑफिसेज) (ग्रुप-बी) सेवा नियम-2021, पंजाब आबकारी और कराधान कमिश्नर कार्यालय (हेड ऑफिस, मिनिस्ट्रियल स्टाफ) (ग्रुप-बी) सेवा नियम-2021, पंजाब आबकारी और कराधान कमिश्नर कार्यालय (हेड ऑफिस, मिनिस्ट्रियल स्टाफ) (ग्रुप-सी) सेवा नियम, 2021 को मंजूरी दे दी है।

सामान्य प्रशासन विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी

सचिव (प्रशासन) में और अधिक कुशलता लाने और 190.75 करोड़ रुपये के बजट के सर्वोत्तम प्रयोग के लक्ष्य को हासिल करने और सचिवालय प्रशासन में वित्त विभाग द्वारा विशेषज्ञ व तजुर्बेकार एसएएस अधिकारी की तैनाती के लिए कैबिनेट ने सहायक कंट्रोलर (वित्त एवं लेखा) के पद को डिप्टी कंट्रोलर (वित्त एवं लेखा) में अपग्रेड करने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

अनधिकृत कालोनियां व प्लाट नियमित करने की मंजूरी

पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रापर्टी रेगुलेशन (पीएपीआर) एक्ट, 1995 का उल्लंघन करके बनाई गई अनधिकृत कॉलोनियों और इन कॉलोनियों के प्लॉटों को नियमित करने के लिए कैबिनेट ने इस एक्ट के तहत जुर्म को खत्म करने के लिए शर्तों और पाबंदियां निर्धारित करने के लिए धारा 38(2) के अधीन नियम लागू करने का फैसला किया है।

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