बाजवा ने कहा कि प्रदेश में आए दिन लूट, डकैती और कत्ल की वारदात हो रहीं हैं और सरकार लगातार बढ़ती वारदात को रोक पाने में नाकाम हो रही है। विपक्ष ने सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग भी की थी लेकिन उसे भी नहीं माना गया, इसलिए कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सदन में बहस होनी चाहिए। उन्होंने स्पीकर से बहस के लिए समय देने की मांग की, जिस पर स्पीकर ने उन्हें राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान अपनी बात रखने को कहा।
इसके बाद बाजवा समेत कांग्रेस के सदस्य वेल में आ गए और बहस कराने की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे। तब अन्य विपक्षी सदस्यों भाजपा, अकाली दल और बसपा के नेता भी कांग्रेस के साथ वेल में पहुंच गए और नारेबाजी में शामिल हो गए। अपनी बात न सुने जाने पर कांग्रेस और भाजपा के सदस्य सदन से वॉकआउट कर गए, जब अन्य दलों के सदस्य अपनी सीटों पर जाकर बैठ गए।
जब गोलियां चलती हैं तो अनुभव धरा रह जाता है
हंगामे के बीच स्पीकर ने प्रताप बाजवा को समझाने का प्रयास करते हुए कहा, ‘आप अनुभवी नेता हैं, ऐसा न करें।’ इस पर बाजवा ने कहा- शाम को जब गोलियां चलती हैं तो अनुभव धरा रह जाता है। मुख्यमंत्री खुद कह चुके हैं कि उन्हें भी धमकियां मिली हैं। जब मुख्यमंत्री ही सुरक्षित नहीं हैं फिर आम लोगों का क्या होगा?
स्पीकर सर, इन्हें सदन से बाहर न जाने दें: अमन अरोड़ा
पंजाब विधानसभा में शुक्रवार को उस समय स्थिति हास्यास्पद भी हो गई जब कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर बहस कराने की मांग को लेकर वेल में नारेबाजी कर विपक्षी सदस्यों को लेकर आप विधायक अमन अरोड़ा ने अपनी सीट से स्पीकर को संबोधित करते हुए बार-बार कहा- स्पीकर सर, इन्हें सदन से बाहर (वॉकआउट) न जाने दें। दरअसल, स्पीकर की चेयर के सामने मार्शल ने सुरक्षा घेरा बनाया हुआ था और सभी विपक्षी सदस्य नारेबाजी कर रहे थे। अमन अरोड़ा ने स्पीकर से कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस के दौरान प्रदेश की कानून-व्यवस्था का सच भी सामने आएगा, जिसे विपक्षी सदस्य सुनने को तैयार नहीं हैं और इस तरह सदन से बाहर जाने (वॉकआउट) की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने स्पीकर से आग्रह किया कि नारेबाजी कर रहे विपक्षी सदस्यों को बाहर न जाने दिया जाए। उन्होंने स्पीकर से यह भी कहा कि वे मार्शल को आदेश दें कि इन सभी सदस्यों को बाहर जाने से रोकें। अमन अरोड़ा ने विपक्षी सदस्यों से भी कहा कि वे बैठें और सब कुछ सुनकर जाएं।
सिद्धू मूसेवाला सहित पंजाब की 11 शख्सियतों को दी गई श्रद्धांजलि
बजट सत्र में पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला समेत 11 शख्सियतों को श्रद्धांजलि दी गई। पूर्व मंत्री हरदीप इंदर सिंह बादल और जत्थेदार तोता सिंह को भी सदन में याद किया गया। शख्सियतों को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन 13 मिनट तक चला इसके बाद 2 बजे तक स्थगित कर दिया गया।
16वीं पंजाब विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत शुक्रवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई। पहले दिन सदन ने पूर्व मंत्री हरदीप इंदर सिंह बादल और जत्थेदार तोता सिंह के अलावा पूर्व विधायक सुखदेव सिंह और शिंगारा राम सहूंगड़ा को श्रद्धांजलि भेंट की गई। सदन ने स्वतंत्रता सेनानी तारा सिंह, स्वर्ण सिंह, करोड़ा सिंह और सुखराज सिंह संधावालीया को भी श्रद्धा के फूल भेंट किए गए, जिन्होंने देश को ब्रिटिश साम्राज्यवाद के चंगुल से मुक्त करवाने के लिए अहम भूमिका निभाई।
इस दौरान सदन ने पर्वतारोही गुरचरन सिंह भंगू अर्जुन अवार्डी को भी श्रद्धांजलि भेंट की, जिन्होंने 1965 में विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट की सफलतापूर्वक चढ़ाई की। इस दौरान एथलेटिक्स के क्षेत्र में देश का नाम रोशन करने वाले महान एथलीट हरी चंद अर्जुन अवार्डी को भी सदन ने श्रद्धांजलि दी। सदन ने प्रसिद्ध पंजाबी गायक शुभदीप सिंह सिद्धू (सिद्धू मूसेवाला) को भी श्रद्धांजलि भेंट की। सदन ने शिरोमणि कमेटी के पूर्व जूनियर मीत प्रधान और प्रसिद्ध सिख शख्सियत प्रिंसिपल सुरिंदर सिंह को भी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान दिवंगत आत्माओं की याद में दो मिनट का मौन रखा गया।