2018 में दाखिल सुमेध सिंह सैनी की मुख्य याचिका पर जल्द सुनवाई की अर्जी का पंजाब ने विरोध करते हुए कहा कि ऐसा कोई कारण नहीं है, जिसके चलते नवंबर में तय सुनवाई को अभी किया जाए। साथ ही आय से अधिक संपत्ति मामले में अंतरिम जमानत में अन्य लाभ जोड़ने की सैनी की 17 अगस्त को खारिज हुई अर्जी भी संलग्न नहीं की गई है। हाईकोर्ट ने सारी दलीलें खारिज करते हुए कहा कि इस मामले में जल्द सुनवाई जरूरी है।
तीन बजे सुनवाई तय कर, पंजाब से मांगा जवाब
हाईकोर्ट ने जल्द सुनवाई की अर्जी मंजूर करने के बाद मुख्य याचिका पर सुनवाई की और इस दौरान कोर्ट ने 18 अगस्त को हुई गिरफ्तारी के मेमो, वह दस्तावेज जिसमें उन्हें गिरफ्तारी का कारण बताया हो, वह दस्तावेज जिनमें गिरफ्तारी के बारे में परिवार को जानकारी दी गई हो आदि 3 बजे न्यायालय के समक्ष पेश करने का आदेश दिया था।
पंजाब सरकार को हाईकोर्ट की नसीहत
हाईकोर्ट ने कहा कि मुख्य न्यायधीश के आदेश के चलते सैनी की याचिका पर नवंबर में सुनवाई तय की गई थी। कोरोना के प्रकोप के चलते लिए गए निर्णय की स्थिति में मामला चाहे आपराधिक हो या सिविल सभी पक्षों को यथास्थिति बनाए रखनी चाहिए। यदि कोई कार्रवाई आवश्यक हो तो इसके लिए पहले न्यायालय की इजाजत ली जानी चाहिए।
रात 2 बजे रिहा हुए पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी
पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी को जमानत तो मिल गई लेकिन फैसला न लिखे जाने के कारण गुरुवार रात 2 बजे तक जिला अदालत में बैठे थे। रात 2.10 बजे जिला अदालत के आदेश पर विजिलेंस ने सैनी को रिहा किया। जांच में सहयोग के लिए पहुंचे सैनी को विजिलेंस ने भ्रष्टाचार के मामले में बुधवार रात 8 बजे गिरफ्तार कर लिया था।
गुरुवार दोपहर 12.30 बजे सैनी को मोहाली की जिला अदालत में पेश किया गया। सुनवाई शाम 5 बजे के बाद शुरू हुई और करीब ढाई घंटे चली। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सैनी की जमानत याचिका मंजूर कर ली। इसके बाद रात तक फैसला लिखा जाता रहा। सैनी के वकील रमनदीप सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट ने विजिलेंस की कार्रवाई को अवैध करार दिया है। अब मोहाली अदालत ने भी जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है।