नियमों के अनुसार, विधानसभा में विधेयक पारित होने के बाद राज्यपाल के पास भेजा जाएगा। कानूनी विशेषज्ञ बताते हैं कि यह राज्यपाल पर निर्भर करता है कि वह इसे राष्ट्रपति को भेजें या नहीं। राज्यपाल खुद भी इसे मंजूरी दे सकते हैं। सरकार चाहती है कि यह विधेयक कानून बनकर एक माह में लागू हो जाए।
पेपर लीक मामला बड़ी चुनौती है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की ओर से प्रस्ताव मिला है। नया कानून बनने से दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी और यकीनन इससे पेपर लीक पर रोक लगेगी। हमारा प्रयास है कि इसके लिए जल्दी से कानून बन सके। - कंवर पाल गुर्जर, संसदीय कार्यमंत्री।
विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता और संसदीय कार्य मंत्री कंवर पाल गुर्जर को प्रस्ताव सौंपा है। आश्वासन मिला है इसी विस सत्र में नकल रोकने को विधेयक लाया जाएगा। - भोपाल सिंह खदरी, चेयरमैन, एचएसएससी।