चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय शोध को बढ़ावा देने के लिए विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ अधिक से अधिक समझौते करने जा रही है। इसकी योजना बन रही है। इस योजना के तहत पीयू के तमाम विद्यार्थी विदेशी विश्वविद्यालयों में शोध के लिए जा सकेंगे। इससे पीयू का नाम भी दूसरे देशों में होगा।
पीयू के विज्ञान संकाय के जितने भी विभाग हैं, उनमें हर साल 200 से अधिक शोध पूरे होते हैं। कुछ शोध अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं मेें प्रकाशित होते हैं तो कुछ राष्ट्रीय पत्रिकाओं में। इस शोध के कारण ही पीयू आगे बढ़ रही है। कुछ रैंकिंग में भी बेहतर स्थान पाया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय जगत की रैंकिंग में अधिक अंक नहीं आ पा रहे हैं। इसके लिए पीयू को छवि (परसेप्शन) बेहतर करनी होगी। इसी के तहत विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ शोध के लिए करार होंगे। सूत्रों का कहना है कि यहां से शोध के लिए अधिक से अधिक विद्यार्थियों को भेजा जाएगा। मिलकर शोध करने से पीयू का नाम होगा। साथ ही उन शोध पेपरों का संदर्भ भी अन्य शोधार्थी कहीं न कहीं अपने शोध में दे सकेंगे।