चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय के पूर्व वीसी प्रो. अरुण के ग्रोवर ने वर्तमान वीसी प्रो. राज कुमार को सुझाव दिए हैं कि पीयू के लोकतांत्रिक कामकाज में सुधार लाने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाएं। साथ ही हाईकोर्ट में शासन सुधार के लिए पूर्व में दायर जनहित याचिका को भी आगे बढ़ाएं। शासन सुधार के लिए बनाई गई 11 सदस्यीय समिति को यह बात अवगत कराई गई थी कि जल्द से जल्द शासन सुधार की रिपोर्ट को लागू किया जाना चाहिए।
पूर्व वीसी अरुण ग्रोवर का कहना है कि शासन सुधार का मामला काफी समय पहले जनहित याचिका में दायर है। पीयू को उस मामले की ओर ध्यान देते हुए उस पर निर्णय लेना चाहिए था। उन्होंने कहा कि सीनेट का गठन शासन सुधार के मुताबिक हो। इसके लिए वीसी पहल करें। उनका कहना है कि पीयू को आगे ले जाने के लिए शासन सुधार बहुत जरूरी है। सीनेट का गठन हो, लेकिन शासन सुधार के साथ। उन्होंने पूर्व में सीनेट के कार्यकालों का भी जिक्र किया। सीनेट व सिंडिकेट में सुधार के लिए उठाए गए कदमों की ओर भी ध्यान दिलाया।
संकाय का चुनाव लड़ने वाले कई सदस्यों पर खड़े किए सवाल
सीनेट संकाय वर्ग का चुनाव लड़ने वाले कई सदस्यों पर पूर्व वीसी प्रो. अरुण ग्रोवर ने सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा है कि 60 साल के बाद चुनाव किसी को नहीं लड़ने दिया जाना चाहिए। यही नहीं कुछ सदस्यों पर आरोप लगाया है कि वह संकायों में शिक्षक नहीं हैं लेकिन वह चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में शासन सुधार का महत्व अधिक बढ़ जाता है, क्योंकि पीयू की बेहतरी तभी हो सकती है जब शिक्षकों की भूमिका अधिक से अधिक हो। कहा कि यह प्रकरण चांसलर के संज्ञान में भी लाया जाना चाहिए ताकि शासन सुधार की सिफारिशों को जल्द से जल्द लागू किया जा सके। उन्होंने कई और भी सवाल उठाए हैं, जिस पर वीसी से कार्रवाई की मांग की है।