चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी की ओर से शुक्रवार को सीनेट की बैठक का आयोजन होगा। बैठक में 18 मुद्दे रखे जाएंगे जिन पर चर्चा के बाद अप्रूवल दी जाएगी। बैठक में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के सातवें वेतन आयोग के अनुसार वेतनमान के कार्यान्वयन पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इसमें अक्तूबर में मीटिंग के दौरान की गई वित्त बोर्ड (बीओएफ) की सिफारिशों पर भी विचार किया जाएगा।
पंजाब यूनिवर्सिटी में सिंडिकेट की ओर से संशोधित वेतनमान पहले ही अपना लिया गया है। सीनेट बैठक में 2022-23 के संशोधित अनुमानों और 2023-24 वित्तीय वर्ष के बजट अनुमानों पर भी अंतिम फैसला लिया जाएगा। इसके अलावा अन्य कॉलेजों के बीडीएस विद्यार्थियों को पीयू के डॉ. हरवंश सिंह जज इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज एंड हॉस्पिटल में एक साल की इंटर्नशिप करने की अनुमति देने के लिए एक यूनिवर्सिटी पैनल की सिफारिशों पर भी फैसला लिया जाएगा।
पीयू सीनेट में ट्विनिंग, संयुक्त डिग्री और ड्यूअल डिग्री कार्यक्रमों की यूजीसी रेगुलेशन 2022 (भारतीय और विदेशी उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच शैक्षणिक सहयोग) पर फैसला लिया जाएगा। यूजीसी की ओर से देश में ड्यूअल डिग्री प्रोग्राम को मान्यता दे दी गई है। इसके तहत देश की कोई भी यूनिवर्सिटी किसी अन्य देश की यूनिवर्सिटी के साथ आपसी समझौते के तहत डुअल डिग्री कार्यक्रमों का संचालन कर सकती है। इससे विद्यार्थियों को दोहरा फायदा होगा।
वहीं, सीनेट 1 फरवरी, 2023 से 31 जनवरी, 2024 तक एक वर्ष की अवधि के लिए वित्त बोर्ड के सदस्य होने के लिए दो सीनेटरों (गैर-सिंडिकेट सदस्य) का भी चुनाव करेगी। बैठक में वरिष्ठतम प्रोफेसरों को उनके संबंधित फैकल्टी के डीन के रूप में नियुक्त करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जाएगा, जब तक कि कोर्ट इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय नहीं लेता।