चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर एप्लीकेशन के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अनुज ने ग्यारहवीं और बारहवीं के दस जरूरतमंद बच्चों की फीस के साथ किताबें और स्टेशनरी की जिम्मेदारी ली हुई है। उन्होंने बताया कि शैक्षणिक कार्यों के बाद थोड़ा समय वह बच्चों के लिए निकालते हैं जिससे भविष्य में समाज में सकारात्मक सुधार हो सके। शाम के समय वह पीयू की ही कंप्यूटर लैब में सेक्टर-25 सरकारी स्कूल के ग्यारहवीं और बारहवीं के पांच विद्यार्थियों को कंप्यूटर कौशल सिखाते हैं।
डॉ. अनुज ने बताया कि बच्चों की मदद करने के काम में उनकी पत्नी दीप्ती भी सहयोगी हैं। हम आस-पड़ोस और सोशल मीडिया के जरिए पुरानी किताबें एकत्रित करते हैं। इन किताबों को जरूरतमंद बच्चों को बांटा जाता है। किताबों को किसी के घर से लाने और बच्चों तक पहुंचाने में उनके विभाग के छात्र भी कई बार उनका सहयोग करते हैं। इस काम में वह 2018 से लगे हुए हैं। डॉ. अनुज ने बताया कि युवाओं को काम में साथ लगाने का मकसद है कि वे भी जीवन में किसी की मदद और जरूरतमंद की समस्याओं को समझना सीखें।