चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी लगातार छात्रों को स्टार्टअप के लिए प्रोत्साहित कर रही है। विद्यार्थियों को प्रेरित किया जा रहा है कि वे नए विचार और आइडिया लेकर आएं, पीयू की ओर से उनके आइडिया को सफल बनाने में मदद की जाएगी।
हाल में ही छात्रावास में हुए कार्यक्रम में पीयू वीसी प्रो. राजकुमार ने युवाओं को संबोधित किया था कि छात्र नए स्टार्टअप का आइडिया लेकर आएं, उन्हें काम के लिए जगह उपलब्ध करवाएंगे और फंड दिलवाने में भी मदद करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में कोशिश है कि छात्रावासों में भी छात्रों को स्टार्टअप के लिए जगह उपलब्ध करवाई जाए।
पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्रों के स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए चार इंक्यूबेशन सेंटर शुरू किए गए हैं। इसमें सेक्टर-25 में विज्ञान के छात्रों के लिए बायो इंक्यूबेटर सेंटर, यूआईआईटी के छात्रों के लिए सेक्टर- 25 में टेक्नीकल-बिजनेस इंक्यूबेटर सेंटर, सेक्टर-14 में सेंटर फॉर स्किल डेवलपमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप और सेक्टर-25 में रूसा की ओर से प्रायोजित पीयू इंक्यूबेटर सेंटर के लिए नई बिल्डिंग बनाई जा रही है। सेंटर फॉर स्किल डेवलपमेंट के निदेशक डॉ. हरीश ने बताया कि पीयू के पास तीस से चालीस स्टार्टअप के लिए जगह है और अभी रूसा की ओर से एक नई बिल्डिंग तैयार करवाई जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि अगर कोई छात्र स्टार्टअप के लिए आइडिया लेकर आता है तो उसे हाई स्पीड इंटरनेट, प्रिंटिंग और स्टेशनरी सुविधा, काम करने के लिए जगह और जरूरी रिसोर्स मुहैया करवाते हैं। इसके अलावा संबंधित विषय के विशेषज्ञ छात्र के कच्चे विचार (रॉ आइडिया) को बाजार के अनुसार सही दिशा देने और फंडिग दिलवाने के लिए उन्हें गाइड करते हैं। फंडिग के लिए विशेषज्ञ इंडस्ट्री के लिए प्रपोजल बनाने में मदद करते हैं। पिछले कुछ सालों में पीयू के कई युवाओं ने फैशन, फूड प्रोडक्शन, आईटी और रिसाइक्लिंग में स्टार्टअप किए हैं।
क्या हैं इन्क्यूबेशन सेंटर
स्टार्टअप व्यवसाय को विकसित करने में मदद करने वाले संस्थानों को इन्क्यूबेशन सेंटर कहा जाता है। इन्क्यूबेशन सेंटर प्रारंभिक चरण में स्टार्टअप के लिए संजीवनी के सामान होते हैं। ये संस्थान स्टार्टअप को व्यापारिक एवं तकनीकी सुविधाओं, सलाह, सीड फंडिंग, नेटवर्क और संबंध, को-वर्किंग स्पेस, प्रयोगशाला की सुविधा और सलाहकार समर्थन जैसी सुविधाएं प्रदान करती हैं।