चंडीगढ़। नगर निगम ने संपत्ति कर जमा कराने के लिए शहरवासियों को 31 मई तक का समय दिया है। इसके बाद कुल राशि पर 25 फीसदी का जुर्माना लगाया जाएगा। अब तक शहर के 6710 करदाताओं ने संपत्ति कर जमा करा दिया है, जिनसे करीब 2.24 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है। 31 मई से पहले आवासीय भूमि और भवन का संपत्ति कर जमा करने पर 20 फीसदी की छूट भी मिल रही है। वाणिज्यिक, औद्योगिक और संस्थागत सरकारी भूमि और भवन का संपत्ति कर जमा कराने पर 10 फीसदी की छूट है। चेक या डिमांड ड्राफ्ट द्वारा संपत्ति कर जमा करने के लिए अंतिम तिथि 26 मई है।
नगर निगम के अनुसार शहर में करीब 1.30 लाख करदाता हैं। निगम ने उनके पते या ईमेल आईडी पर बिल भेजना शुरू कर दिया है। गांवों में व्यावसायिक संपत्तियों और विभिन्न कॉलोनियों में मकान मालिकों को भी बिल भेजे जाएंगे। निगम ने एस्टेट ऑफिस की तरफ से प्रदान किए गए संपत्ति मालिकों के डेटा का भी अध्ययन किया, जिसमें पता चला कि लगभग 400 आवासीय और 450 वाणिज्यिक संपत्ति मालिक कर का भुगतान नहीं कर रहे थे। एमसी को यूटी एस्टेट ऑफिस से 36 हजार संपत्ति मालिकों का ब्योरा मिला था। नए करदाताओं को पहचान के लिए चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड करीब 2.15 लाख घरों के डेटा का मूल्यांकन कर रहा है, जिनके पास बिजली कनेक्शन हैं लेकिन वह संपत्ति करदाताओं की सूची में नहीं हैं।
इन माध्यमों से जमा कर सकते हैं संपत्ति कर
निगम की तरफ से बताया गया कि संपत्ति कर का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से नगर निगम की वेबसाइट पर जाकर किया जा सकता है। इसके अलावा डिमांड ड्राफ्ट,नकद व चेक को शहर के किसी भी संपर्क केंद्र में जमा किया जा सकता है। संपत्ति कर से संबंधित किसी भी तरह की जानकारी के लिए सेक्टर-17 स्थित निगम दफ्तर के ग्राउंड फ्लोर पर मदद ले सकते हैं या 0172-5021618 पर संपर्क कर सकते हैं।