चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय के रयायन विज्ञान विभाग के पूर्व चेयरमैन और सैफ/सीआईएल के निदेशक रह चुके प्रो. एसके मेहता को लद्दाख विश्वविद्यालय का कुलपति बनाया गया है। उन्हें तीन वर्ष के लिए कुलपति का पदभार सौंपा गया है। चंडीगढ़ रीजन इनोवेशन नॉलेज कलस्टर, गियान व यूजीसी के सीएस के को-ऑर्डिनेटर के तौर पर भी उन्होंने बेहतरीन कार्य किया है।
डॉ. मेहता के अंतरराष्ट्रीय जर्नल में करीब 360 लेख प्रकाशित हैं। वहीं 8400 के करीब साइटेशन और 15 के करीब किताबें लिखी हैं। उन्होंने डीएसटी, सीएसआई और यूजीसी की राष्ट्रीय कमेटी के सदस्य के तौर पर भी काम किया है। उन्हें हरियाणा के विज्ञान रत्न अवार्ड से नवाजा जा चुका है। कई बार दाद और जेएसपीएस फेलोशिप मिली है। केमिकल रिसर्च सोसायटी ऑफ इंडिया की ओर से कांस्य पदक, रोयल सोसायटी ऑफ केमिस्ट्री यूके की ओर से एसटीई अवार्ड और इंडियन काउंसिल ऑफ केमिस्ट की ओर से प्रो. डब्ल्यू मलिक मेमोरियल अवार्ड से सम्मानित किया गया है। प्रो. मेहता ने 10 पोस्ट डॉक्टरल, 45 पीएचडी और 50 परास्नातक विद्यार्थियों को गाइड किया है। प्रो. मेहता ने नेनो इलेक्ट्रोकेमिकल सेंसर, सिंथेसिस और सेमिकंडिक्टिंग नेनोपार्टिकल्स एप्लीकेशन और कॉलिडिएल केमिस्ट्री क्षेत्र में शोध किया है।