आंकड़ों के मुताबिक पंजाब में बिजली उत्पादन में शुक्रवार को 2840 मेगावाट की कमी रही। इसमें तलवंडी साबो तापीय ऊर्जा संयंत्र के 1980 मेगावाट, रोपड़ तापीय ऊर्जा संयंत्र के 210 मेगावाट और रणजीत सागर डैम से 150 मेगावाट व पन बिजली उत्पादन में 600 मेगावाट की कमी रही।
उधर, सीएमडी ए वेणु प्रसाद ने कहा कि पावरकॉम ने खेतीबाड़ी, घरेलू व औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ रही मांग को देखते हुए फील्ड अधिकारियों को खास हिदायतें जारी कीं हैं। फील्ड अफसरों को 19 जुलाई तक गांवों में रोजाना सरपंचों, किसान यूनियनों के साथ मुलाकात करने व गांवों में जरूरी बड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया। एसडीओ, सीनियर एक्सईएन और सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर अपने सब डिवीजन, डिवीजन व सर्कल में क्रमवार रोजाना पांच गांवों का दौरा करेंगे।
संकट से उबरने के लिए एसोचैम ने मुख्यमंत्री से की हस्तक्षेप की मांग
पंजाब में बिजली संकट से जूझ रहे उद्योग जगत को लेकर एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री आफ इंडिया (एसोचैम) ने नाराजगी प्रकट की है। एसोचैम ने इस संकट से उबारने के लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से हस्तक्षेप की मांग की है। साथ ही सलाह दी है कि पंजाब सरकार को केंद्र सरकार से आने वाली लाइनों की क्षमता को अपग्रेड करना चाहिए।
अब तक 550 करोड़ की बिजली खरीद चुका पंजाब, मानसून पर निगाहें
भीषण गर्मी और धान की रोपाई के कारण मांग पूरा करने के लिए पंजाब को महंगी दरों पर बिजली खरीदनी पड़ रही है। अब तक पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) 550 करोड़ रुपये की बिजली खरीद चुका है। इसके बाद अभी भी बिजली की मांग, आपूर्ति से अधिक बनी हुई है। अब पीएसपीसीएल मानसून पर निगाहें टिकाए हुए है। पंजाब में इन दिनों बिजली की मांग 13000 मेगावाट से अधिक हो चुकी है, जबकि पीएसपीसीएल के पास 12800 मेगावाट बिजली ही उपलब्ध है।