पंजाब के पटियाला में शुक्रवार को शिवसेना और खालिस्तान समर्थक गुटों के बीच पथराव और तलवारें चलने की घटना पर विपक्ष ने भगवंत मान सरकार को घेर लिया है। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि पटियाला में दो गुटों के बीच झड़प से पैदा हुए तनावपूर्ण हालात से वे चिंतित हैं। पटियाला के लोग शांतिप्रिय हैं और मैं उनसे अपील करता हूं कि वे उत्तेजित न हों। उम्मीद है कि पंजाब पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि कानून व्यवस्था बनी रहे।
वहीं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि राज्य में अराजकता का माहौल है। पटियाला की घटना विचलित करने वाली है। पिछले एक महीने से कानून व्यवस्था चरमरा गई है। सीएम को तुरंत डीजीपी पंजाब के साथ पटियाला का दौरा करना चाहिए।
वहीं आप के सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि पटियाला में हिंसक झड़प दो समूहों के बीच नहीं बल्कि दो राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के बीच थी। एक तरफ शिवसेना और कांग्रेस के लोग थे और दूसरी तरफ शिरोमणि अकाली दल के लोग। दोनों पक्षों के असामाजिक तत्व इस झड़प में शामिल हो गए। हिंसा की और पंजाब के माहौल को खराब करने का प्रयास किया। पंजाब की शांति भंग करने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने तुरंत कानून-व्यवस्था बहाल कर दी है। कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। पंजाब सरकार और पुलिस इस हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। इन राजनीतिक दलों के मास्टरमाइंड को नहीं बख्शा जाएगा।
पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने पटियाला में हुई हिंसा की निंदा करते हुए लोगों से हर कीमत पर शांति बनाए रखने की अपील की। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य में आम आदमी पार्टी की सरकार कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने में विफल रही है और हर मोर्चे पर फेल हो रही है। पटियाला में खुलेआम तलवारों के साथ लोगों का आमने-सामने होना, पहले कभी नहीं देखा गया था। यह सब कुछ सरकार द्वारा स्थिति संभालने में असमर्थ रहने के कारण हुआ है। राजा वड़िंग ने इस घटना के पीछे पंजाब में शांति का माहौल खराब करने की कोई बड़ी साजिश का अंदेशा जाहिर किया।
कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने पटियाला में शुक्रवार को हुई हिंसा पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर मुख्यमंत्री भगवंत मान को संबोधित करते हुए लिखा- पटियाला में आज की घटनाएं चिंताजनक हैं। पंजाब में शांति और सांप्रदायिक सौहार्द को किसी भी कीमत पर भंग नहीं होने दिया जाना चाहिए। भगवंत मान जी सुनिश्चित करें कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो और पंजाब सांप्रदायिक ध्रुवीकरण से सुरक्षित रहे।