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चंडीगढ़: मंत्रियों के आवास घेरने जा रहे मुलाजिमों ने तोड़े बैरिकेड, पुलिस ने वाटर कैनन व आंसू गैस का किया इस्तेमाल

Fri, 20 Aug 2021 10:14 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को संशोधन के साथ लागू करना, 31 दिसंबर 2015 के 119 फीसदी डीए को आधार मानकर वेतन में 15 फीसदी इजाफा करना और 1 जनवरी 2006 से एरियर देना, आउटसोर्स व कच्चे मुलाजिमों को पक्का करना, 200 रुपये का विकास टेक्स वापस लेना, 41 फीसदी डीए एरियर समेत लागू करना, यह सभी कर्मचारियों की मांगें हैं।
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पुलिस ने किया वाटर कैनन का इस्तेमाल। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब के मंत्रियों के चंडीगढ़ के सेक्टर 39 स्थित निवास स्थानों तक रोष मार्च करने पहुंचे पंजाब व यूटी मुलाजिम व पेंशनर्स साझा फ्रंट के पदाधिकारियों और सदस्यों पर चंडीगढ़ पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इस दौरान कई मुलाजिम घायल हो गए। फ्रंट के नेता सुखचैन सिंह खैरा ने बताया कि चंडीगढ़ और मोहाली स्थित पंजाब सरकार के दफ्तरों के मुलाजिमों और पेंशनरों ने फ्रंट के बैनर तले शुक्रवार को सेक्टर 39 में रोष मार्च निकाल मंत्रियों के आवास घेरने और मंत्रियों को ज्ञापन देने का फैसला किया था।

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सेक्टर 39 स्थित फूड एंड सप्लाई विभाग के कार्यालय के सामने सैकड़ों मुलाजिम एकत्र हुए और सरकार के विरुद्ध नारेबाजी शुरू कर दी। करीब एक घंटे बाद मुलाजिम सेक्टर 39 में ही मंत्रियों के आवासों की तरफ बढ़े तो मौके पर भारी संख्या में तैनात चंडीगढ़ पुलिस के जवानों ने वाटर कैनन का इस्तेमाल कर मुलाजिमों को रोकने की कोशिश की लेकिन मुलाजिमों ने इसकी परवाह न करते हुए बैरिकेड तोड़ डाले। इसके बाद पुलिस ने मुलाजिमों पर आंसू गैस का इस्तेमाल किया।

खैरा ने कहा कि बीते दिनों कर्मचारी संगठनों के साथ मंत्रियों और अफसरों की बैठक में सरकार ने इस बात पर सहमति जताई थी कि 31 दिसबर 2015 के वेतन को आधार मानकर मुलाजिमों को कम से कम 15 फीसदी की वेतन वृद्धि दी जाएगी लेकिन सरकार अब इस बात से मुकर गई है, जिसके खिलाफ मुलाजिम शुक्रवार को मंत्रियों के आवास घेरने और उन्हें ज्ञापन देने के लिए सेक्टर 39 में एकत्र हुए थे।
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अनिश्चितकालीन कलम छोड़ हड़ताल पर विचार
खैरा ने आगे कहा कि 16 अगस्त को हुई पंजाब मंत्रिमंडल की बैठक में भी कर्मचारियों के वेतन संबंधी सरकार ने कोई प्रस्ताव नहीं रखा, जिससे कर्मचारियों में रोष बढ़ा। खैरा ने यह भी कहा कि साझा फ्रंट, पंजाब स्टेट मिनिस्ट्रियल सर्विसेज यूनियन द्वारा जल्द ही अनिश्चितकालीन कलम छोड़ हड़ताल शुरू करने पर विचार किया जा रहा है। 

उन्होंने कहा कि मुलाजिमों की मुख्य मांगों में छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को संशोधन के साथ लागू करना, 31 दिसंबर 2015 के 119 फीसदी डीए को आधार मानकर वेतन में 15 फीसदी इजाफा करना और 1 जनवरी 2006 से एरियर देना, आउटसोर्स व कच्चे मुलाजिमों को पक्का करना, 200 रुपये का विकास टेक्स वापस लेना, 41 फीसदी डीए एरियर समेत लागू करना शामिल हैं।

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