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चर्चा में लुधियाना पुलिस: दो घंटे पहले दी सूचना फिर की कॉलोनियों में औचक जांच, लोग बोले- ऐसा कौन करता है

Tue, 15 Nov 2022 09:24 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)

सार

डीजीपी ने फिर दोहराया कि अभी नए आर्म्स लाइसेंस जारी नहीं किए जाएंगे। सोशल मीडिया और सार्वजनिक स्थानों पर हथियारों की प्रदर्शनी करने पर कार्रवाई की जाएगी। डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि अपराध में 60 प्रतिशत हथियार अवैध इस्तेमाल होते हैं। इन हथियारों को रोकने के लिए लगातार ट्रैप लगाए जाएंगे।
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लुधियाना में डीजीपी के नेतृत्व में पुलिस ने की औचक जांच। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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पंजाब के लुधियाना में पुलिस ने मोहल्ला पीरुबंदा और घोड़ा कॉलोनी स्थित अंबेडकर कॉलोनी में सर्च अभियान चलाया। मगर पुलिस ने दो घंटे पहले सूचना दे दी कि दोनों इलाकों में औचक जांच की जाएगी। लोग पूछते रहे कि दो घंटे पहले सूचना देकर कौन सी औचक जांच होती है। घोड़ा कॉलोनी में दबिश की सूचना पहले से तस्करों तक पहुंच गई और तस्कर नशा ठिकाने लगाने में कामयाब हो गए। 

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इलाके के लोगों ने पुलिस की कार्रवाई का किया विरोध
इलाके के लोगों ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया। इलाके के लोगों का कहना है कि अंबेडकर कॉलोनी में ज्यादातर नगर निगम के मुलाजिम रहते हैं। नशा तस्करी के धंधे में हमेशा घोड़ा कॉलोनी का नाम आता था लेकिन अब तो पुलिस की वजह से उनकी कॉलोनी का भी नाम बदनाम होने लगा है। लोगों ने कहा कि पुलिस ने हर घर की तलाशी ली लेकिन कुछ नहीं मिला। वह सभी सफाई कर्मचारी हैं और अपनी ड्यूटी खत्म कर खाना खाने आए हैं। घर पहुंचते ही पुलिस पहुंच गई और अब उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा है। 

सिर्फ 12 ग्राम हेरोइन मिली
डीजीपी गौरव यादव की अगुवाई में कॉलोनी के अंदर सर्च अभियान चलाया गया। हर घर की अच्छे तरीके से तलाशी ली गई। दो सौ से ऊपर मुलाजिमों और अधिकारियों की टीम ने सर्च के दौरान वहां से 12 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। इनमें से छह ग्राम एक घर से तो छह ग्राम दूसरे घर से बरामद की गई। डीजीपी ने कहा कि गन कल्चर को प्रमोट नहीं होने दिया जाएगा। 
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क्राइम डाटा ऑनलाइन किया गया है, इसके बाद ही पूरे पंजाब में दबिश दी जा रही है। वेरिफिकेशन को फिजिकल रूप देना जरूरी है, क्योंकि कुछ लोग बेवजह असलहा ले रखा है। अवैध हथियारों की सप्लाई को रोकने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है। वहीं, गन हाउस भी चेक किए जाएंगे ताकि पता रहे कि कितने बुलेट रखे हैं या कितने हथियार उनके पास हैं। 

डीजीपी ने फिर दोहराया कि अभी नए आर्म्स लाइसेंस जारी नहीं किए जाएंगे। सोशल मीडिया और सार्वजनिक स्थानों पर हथियारों की प्रदर्शनी करने पर कार्रवाई की जाएगी। डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि अपराध में 60 प्रतिशत हथियार अवैध इस्तेमाल होते हैं। इन हथियारों को रोकने के लिए लगातार ट्रैप लगाए जाएंगे।

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