पांच तोला सोना चोरी करने के आरोप में थाना भार्गव कैंप की पुलिस ने 14 साल के किशोर को घर से उठाकर तीन दिन अवैध हिरासत में रखा और उसकी पिटाई की। पुलिस का कहना है कि बच्चा ढीठ है, इसलिए हथकंडे अपनाने पड़े। पड़ोसी की शिकायत के बाद सीसीटीवी में भी सिर्फ यही बच्चा दिख रहा था। पुलिस की मार से बच्चे के पीठ पर जख्म के निशान मिले हैं। वहीं दूसरी ओर बच्चे के पिता ने बताया कि पुलिस ने झूठे केस में फंसाया है। उनका बच्चा कबूतर पालने का शौकीन है।
एक कबूतर पड़ोसियों की छत पर चला गया। उसे लेने के लिए बच्चे ने पड़ोसियों के कैमरे को बंद कर उनकी छत पर चला गया। इसके बाद पड़ोसियों ने उनके बच्चे पर चोरी का इल्जाम लगा दिया। उन्होंने बताया कि पड़ोसी उनके बच्चे को पहले भी कई बार पीट चुके हैं। इसी डर से बच्चे ने कैमरे को बंद किया और अपना कबूतर लेने उनकी छत पर गया।
पिता का आरोप है कि पुलिस अब इस मामले में उनके बच्चे को और उनको धमका रही है। पिता ने कहा कि थाना भार्गव कैंप के एएसआई सुखराज सिंह ने डेढ़ लाख में मामला खत्म करने की बात कही है। पिता ने कहा कि एएसआई सुखराज ने धमकी दी है कि अगर वह कल शाम पांच बजे तक पैसे लेकर नहीं आते तो वह केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर देगा।
पिता ने कहा कि एएसआई सुखराज ने धमकाते हुए कहा कि वह सीधा बच्चे पर केस दर्ज नहीं कर सकता, इसलिए बेटे के बजाय पिता पर पर्चा दर्ज करेगा। यह भी कहा कि पिता अपने बेटे से चोरी करवाता है। पिता ने सिविल अस्पताल में बच्चे की पिटाई को लेकर एमएलआर भी कटवा रखी है।
पिता का आरोप है कि एएसआई सुखराज सिंह उनके बच्चे का कॅरिअर खत्म करना चाहता है। इस मामले में इंसाफ के लिए परिजनों ने पुलिस कमिश्नर को शिकायत दी है। वहीं थाना भार्गव कैंप के प्रभारी कुलदीप सिंह ने कहा कि बच्चे को पूछताछ के लिए बुलाया था, क्योंकि सीसीटीवी में बच्चा घर में घुसते दिख रहा है। चोरी के आरोप में मामला दर्ज कर बच्चे का भविष्य खराब नहीं करना चाहते लेकिन बच्चा ढीठ निकला, जो कुछ भी बताने को तैयार नहीं था। परिजनों की ओर से लगाए गए पिटाई के आरोप गलत हैं।