गनकल्चर के खिलाफ पंजाब पुलिस जल्द ही बड़ा कदम उठाने जा रही है। करीब 8100 शस्त्र लाइसेंस को रद्द करने की तैयारी है। पुलिस ने पिछले दिनों 813 लाइसेंस रद्द किए थे। वहीं 1460 लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। इसके अलावा फिल्मों, गानों या फिर सोशल मीडिया में हथियारों को प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ 170 केस दर्ज किए हैं।
पुलिस की आईटी टीमें सोशल मीडिया पर पूरी तरह से नजर रखे हैं। आईजी (मुख्यालय) सुखचैन सिंह गिल ने मंगलवार को बातचीत में बताया कि किसी को भी नियम तोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सरकार की तरफ से जो हथियारों को लेकर गाइडलाइन तय की हैं, उसका सभी को पालन करना होगा।
गायक सिद्धू मूसेवाला, शिवसेना नेता सुधीर सूरी की हत्या के बाद पंजाब सरकार ने करीब दो महीने पहले हथियारों के सत्यापन का काम शुरू किया था। इसके अलावा हथियारों के सार्वजनिक प्रदर्शन पर पूर्ण तौर पर पाबंदी लगा दी गई है। यह पाबंदी इंटरनेट मीडिया पर भी लगाई गई है। गन हाउस पर भी सख्ती की गई थी। उनकी भी हर तीसरे महीने जांच का आदेश दिया गया है। यह सत्यापन जिला स्तर पर चल रहा है।
जांच में सामने आया कि जिन लोगों के लाइसेंस रद्द या निलंबित हुए हैं, उनमें से अधिकतर लोगों ने हथियार लेने के लिए फर्जी पते लिखवाए थे। कई ऐसे भी हैं जिन्होंने नियमों में हुए संशोधन के बाद अपने हथियार सरेंडर नहीं किए थे। हथियारों के लाइसेंस के लिए नियम बदल चुके हैं। एक लाइसेंस धारक केवल दो ही हथियार रख सकता है लेकिन कुछ लोगों ने अभी तक 3-3 हथियार रखे हैं। ऐेसे लोगों के लाइसेंस रद्द किए जा रहे हैं।
55 लाख परिवारों पर चार लाख शस्त्र लाइसेंस
पंजाब में पिछले कुछ साल में गन कल्चर तेजी से बढ़ा है। पंजाब में भारत की 2 फीसदी आबादी रहती है लेकिन यहां देश की 10 फीसदी बंदूकें हैं। गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी 2022 तक पंजाब में 3.90 लाख से ज्यादा लाइसेंसी बंदूकें हैं। पंजाब में करीब 55 लाख परिवार हैं और 3 लाख 90 हजार से ज्यादा शस्त्र लाइसेंस। वहीं पंजाब में 70 से ज्यादा एक्टिव गैंग हैं और यहां 500 से ज्यादा गैंगस्टर हैं। अधिकतर गैंग लीडर विदेश में हैं या जेल में। दोनों जगह से ये अपना अपराध का नेटवर्क चलाते हैं।