वित्त मंत्रालय ने स्वायत्त निकायों (ऑटोनमस बॉडी) को पेय कमीशन लागू करने की नोटिफिकेशन जारी कर दी है। इससे पीजीआई में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
लेकिन इसमें एक अड़चन है। नोटिफिकेशन के मुताबिक स्वायत्त निकायों को मिलने वाली ग्रांट की 30 प्रतिशत राशि खुद जुटानी होगी। बाकी ग्रांट वित्त मंत्रालय की ओर से जारी की जाएगी।
अभी पीजीआई सिर्फ दस प्रतिशत की राशि जनरेट करता है। यानी कि पीजीआई को 20 प्रतिशत आय और बढ़ानी होगी। आय का स्रोत पीजीआई में दुकानों का किराया और टेस्ट व मरीज के एडमिशन शुल्क हैं।
यदि राशि बढ़ानी होगी तो इसका सीधा असर दुकानों के किराए और टेस्ट व जांच पर पड़ सकता है। पीजीआई के अधिकारियों ने बताया कि नोटिफिकेशन में एक और भी अनुच्छेद रखा गया है, जिसमें बताया गया है कि कुछ निकायों को रियायत दी जा सकती है।