वसूली और लेन-देन से जुड़ी ऑडियो क्लिप वायरल होने के चार महीने बाद पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री फौजा सिंह सरारी का शनिवार को इस्तीफा ले लिया गया। सरारी के इस्तीफे के चंद घंटे बाद शनिवार को ही पटियाला ग्रामीण से विधायक डॉ. बलबीर सिंह ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ले ली। डा. बलवीर को पंजाब का नया स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कई मंत्रियों के विभाग भी बदल दिए। फौजा सिंह सरारी के सभी विभाग कैबिनेट मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा को सौंपे गए हैं।
फौजा सिंह के पास खाद्य प्रसंस्करण, बागवानी जैसे अहम विभाग थे। इस बीच, हरजोत सिंह बैंस से जेल विभाग लेकर उन्हें तकनीकी शिक्षा व औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। जेल विभाग मुख्यमंत्री ने अपने पास रख लिया है। गुरमीत सिंह मीत हेयर को खनन विभाग की जिम्मेदारी देते हुए उनसे उच्च शिक्षा का विभाग लेकर हरजोत बैंस को दे दिया है। वहीं, हरजोत बैंस से जल स्त्रोत विभाग लेकर मीत हेयर के सुपुर्द किया गया है। पर्यटन मंत्री अनमोल गगन मान को हॉस्पिटैलिटी विभाग का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।
बीते साल 11 सितंबर को पांच मिनट की एक ऑडियो क्लिप वायरल हुई थी। इसमें दो व्यक्ति आपस में पैसे के लेन-देन की बात कर रहे थे। विपक्ष ने आरोप लगाया था कि यह ऑडियो कैबिनेट मंत्री फौजा सिंह सरारी और उनके पीए का है। सरारी पर जब आरोप लगे तो मुख्यमंत्री भगवंत मान विदेश में थे। विदेश से लौटते ही सरारी को नोटिस जारी किया गया। इस नोटिस के जवाब से मुख्यमंत्री भगवंत मान संतुष्ट नहीं हुए। मान ने अपने स्तर पर भी जांच करवाई थी। सरारी के इस्तीफे को लेकर विपक्ष लगातार दबाव बनाए हुए था। मुख्यमंत्री ने सरारी को इस्तीफा देने के लिए कहा। शनिवार सुबह उनके इस्तीफा देते ही सीएम मान ने इसे तुरंत स्वीकार कर लिया और शाम को उनके स्थान पर डा. बलबीर सिंह को मंत्री पद की शपथ भी दिलवा दी। सरारी ने इस्तीफे में यह भी लिखा कि वह पार्टी के वफादार सिपाही हैं और रहेंगे।
दस महीने में दूसरे मंत्री की छुट्टी
दस महीने पुरानी आप सरकार के फौजा सिंह सरारी दूसरे कैबिनेट मंत्री हैं, जिन्हें अपनी कुर्सी भ्रष्टाचार के आरोप के बाद गंवानी पड़ी। इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री डॉ. विजय सिंगला को बर्खास्त किया गया था। सिंगला पर विभाग के टेंडर में कमीशन लेने के आरोप लगे थे। सिंगला को जेल भी जाना पड़ा था। हालांकि सिंगला वर्तमान में विधायक हैं और पार्टी की बैठकों में शामिल होते हैं।
गरीब किसान के बेटे की मेहनत रंग लाई
नवांशहर के निकट गांव भौरा में एक गरीब किसान परिवार में जन्मे डा. बलबीर सिंह का शुरुआती जीवन बहुत साधारण रहन-सहन के साथ अभावों में बीता है। गांव के लोगों और अध्यापकों के वित्तीय सहयोग से उन्हें पढ़ने का मौका मिला। जिस गांव में वह रहते थे, वहां स्कूल में न तो बैठने के लिए बैंच थे और न ही बिजली की व्यवस्था। फिर भी उन्होंने मेहनत और लगन से एक नेत्र सर्जन के रूप में अहम मुकाम हासिल किया। डा. बलबीर सिंह के सामने विदेश जाकर बसने के भी कई अवसर आए लेकिन उन्होंने पंजाब नहीं छोड़ा। उनकी मेहनत ने उन्हें पटियाला में बीते चार दशक से एक जाने-माने सर्जन के तौर पर स्थापित कर दिया।
आंखों के सर्जन डा. बलबीर सिंह से इलाज कराने के लिए पंजाब के अलावा हिमाचल, हरियाणा और जेएंडके से भी मरीज इलाज कराने पटियाला पहुंचते हैं। इसका एक कारण उनका परोपकारी स्वभाव भी है। अब तक वह 30 हजार मरीजों का इलाज कर चुके हैं, जिनमें आर्थिक रूप से कमजोर अनेक मरीजों को मुफ्त दवाएं भी मुहैया कराते हैं। उन्होंने दिल्ली बार्डर पर किसान आंदोलन के दौरान मुफ्त दवाएं और डाक्टरी सेवाओं का लंगर भी लगाया। डा. बलबीर सिंह ने 2014 में सियासत में कदम रखा और पटियाला लोकसभा सीट पर आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी की जीत में अहम भूमिका निभाई। 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए भगवंत मान ने उन्हें पटियाला ग्रामीण सीट से चुनाव मैदान में उतारा और वह अपने प्रतिद्वंद्वी से 50 हजार से अधिक वोटों के अंतर से विजयी रहे।
फेरबदल: किसके पास कौन से महकमे
मुख्यमंत्री भगवंत मान: सामान्य प्रशासन, गृह व न्याय, पर्सोनल, विजिलेंस, सहकारिता, उद्योग एवं कामर्स, रोजगार व प्रशिक्षण, जेल, लीगल एंड लेजिलेटिव अफेयर्स, नागरिक उड्डयन।
गुरमीत सिंह हेयर: गवर्नेंस रिफार्म, जल स्त्रोत, खनन एवं जियोलॉजी, साइंस तकनीकी व पर्यावरण, खेल एवं युवक सेवाएं।
हरजोत सिंह बैंस: तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक प्रशिक्षण, उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा।
चेतन सिंह जौड़ामाजरा: स्वतंत्रता सेनानी, रक्षा सेनाएं कल्याण, खाद्य प्रसंस्करण, बागवानी।
डा. बलबीर सिंह: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, मेडिकल शिक्षा व अनुसंधान, चुनाव।
अनमोल गगन मान: पर्यटन व सांस्कृतिक मामले, निवेश प्रोत्साहन, श्रम, शिकायत निवारण, हास्पिटेलिटी।
सरारी पर ये लगे थे आरोप
करीब चार माह पहले फौजा सिंह सरारी का अपने पीए के साथ बातचीत का एक आडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह अफसरों से उगाही की योजना बनाते सुने गए थे। आडियो में सरारी ऐसे अफसरों से वसूली की बात कहते सुने गए जो पहले से भ्रष्टाचार के जरिए उगाही के काम में लिप्त थे। सितंबर 2022 को 5 मिनट 3 सेकेंड के इस ऑडियो क्लिप में दो व्यक्ति यह बातें करते सुने जा रहे हैं कि पैसे कैसे लेने हैं? उस समय मुख्यमंत्री जर्मनी के दौरे पर थे और उनके लौटने पर सरारी के खिलाफ कार्यवाही की बात कही गई।
कौन हैं फौजा सिंह सरारी
फौजा सिंह पंजाब पुलिस के सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर हैं। उन्होंने पहली बार सीमावर्ती जिला फिरोजपुर की गुरुहरसहाय सीट से चुनाव लड़ा और जीत गए। राय सिख बिरादरी से संबंधित होने के कारण उन्हें चार जुलाई 2022 को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था। फौजा सिंह को खाद्य प्रसंसकरण तथा बागवानी विभाग दिया गया था।
सीएम ने ट्वीट कर दी बधाई
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शपथ ग्रहण कार्यक्त्रस्म के बाद ट्वीट कर सूबे के नए सेहत मंत्री डा. बलबीर सिंह को नई शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ट्वीट किया- पंजाब कैबिनेट में नई जिम्मेदारी के लिए बलबीर जी को बहुत-बहुत बधाई... बतौर डाक्टर उनकी सेवाएं और अनुभव पंजाबियों की सेहत संबंधी जरूर फायदेमंद सिद्ध होगा... मुझे यकीन है कि पंजाब का सेहत क्षेत्र उनके नेतृत्व में नई बुलंदियों पर पहुंचेगा... नई शुरुआत के लिए शुभकामनाएं...