ड्यूटी पैतृक गांव में न लगाई जाए
संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथ चिन्हित कर रोशनी व शौचालय इत्यादि की पर्याप्त व्यवस्था कर लें। इनकी वीडियोग्राफी भी करवाई जाए। पुलिस विभाग को उचित संख्या में कर्मी मुहैया कराने की मांग भेज दी जाए ताकि हिंसा, लूट या बूथ न कब्जाए जा सकें। प्रशिक्षण के लिए मास्टर ट्रेनर की व्यवस्था कर लें। चुनाव अधिकारियों, कर्मचारियों की ड्यूटी उनके पैतृक गांव में न लगाई जाए।
धनपत सिंह ने डीसी को कहा है कि वे सीएमओ को चुनाव अधिकारियों-कर्मचारियों के अवकाश प्रमाणपत्र बनाने की सिफारिश वास्तविक आधार पर करें। अनेक कर्मचारी-अधिकारी फर्जी प्रमाण पत्र बनाकर डयूटी से बचना चाहते हैं। चुनाव डयूटी पर उपस्थित न होने वाले स्टाफ के खिलाफ हरियाणा पंचायती राज अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई करें।