सूचना मिलते ही जीआरपी व्यवस्था में जुट गई। लुधियाना में मुहैवश को ट्रेन से उताकर एंबुलेंस की मदद से सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। दो बेटियों की मां मुहैवश ने लुधियाना के सिविल अस्पताल में तीसरी बेटी को जन्म दिया जबकि सीमा पार उसका पति शोएब राइन उसका इंतजार कर रहा था। अब परिवारिक सदस्य मुहैवश को अस्पताल से छुट्टी मिलने के इंतजार में हैं, ताकि उसे अटारी सीमा के रास्ते घर वापस भेजा जा सके। हालांकि, परिवार चाहता था कि डिलीवरी होने से पहले वह अटारी सीमा पार कर ले ताकि जन्म लेने वाले मासूम को पाकिस्तान की नागरिकता मिल सके।
मुहैवश का परिवार चाहता था कि उसकी डिलीवरी को दवा या इंजेक्शन के जरिये कुछ घंटे के लिए टाल दिया जाए और वह अटारी सीमा पार कर जाए लेकिन डॉक्टरों ने इसकी इजाजत नहीं दी। मुहैवश ने लुधियाना में ही बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद सीमा पार इंतजार कर रहे मुहैवश के पति शोएब राइन को बच्ची पैदा होने की जानकारी दी गई। अब परिवार चितिंत है कि बच्ची को पाकिस्तान की नागरिकता मिलने में किसी तरह की दिक्कत न आ जाए।