चंडीगढ़। पीजीआई के विशेषज्ञों की मदद से हिमाचल प्रदेश के एक अंगदाता के किडनी को दूसरे मरीज में प्रत्यारोपित किया गया। कांगड़ा के रहने वाले 18 वर्षीय विशाल को 10 मार्च को सड़क हादसे में सिर पर गंभीर चोटें आई थीं। विशाल को डॉ. राजिंदरा प्रसाद गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज टांडा ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद विशाल के परिजनों की अंगदान के लिए काउंसलिंग की गई। इस सूचना पर पीजीआई चंडीगढ़ की रोटो टीम टांडा मेडिकल कॉलेज पहुंची और विशाल की किडनी और कॉनिया को पीजीआई चंडीगढ़ लेकर आई, ताकि यहां प्रतीक्षा सूची में शामिल मरीज को प्रत्यारोपित कर उनकी जान बचाई जा सके।
पवन के परिजनों ने कहा- विशाल की बदौलत मिला जीवन
पीजीआई में विशाल की एक किडनी हरियाणा के जिला करनाल के रहने वाले 39 वर्षीय पवन कुमार को प्रत्यारोपित कर दी गई। पवन कुमार के परिजनों ने विशाल व उनके परिवार को धन्यवाद देते कहा कि आज अगर उसे नया जीवन मिला है तो वह विशाल की बदौलत। पवन कुमार ने कहा वह जब ठीक होकर अस्पताल से बाहर आएंगे तो लोगों को अंगदान के लिए जागरूक करेंगे, ताकि जरूरतमंद लोगों की जान बच सके।
पीजीआई की टीम पहुंची थी टांडा मेडिकल कॉलेज
पीजीआई से बीते शनिवार को सुबह 10.30 बजे रीनल ट्रांसप्लांट सर्जरी विभाग के प्रमुख प्रो. आशीष शर्मा, डॉ. सरबप्रीत, डॉ. विवेक ठाकुर, डॉ. पारुल गुप्ता और नर्सिंग आफिसर शीनाम आरपीजीएमसी टांडा पहुंचे। डॉक्टरों की टीम ने विशाल की दोनों किडनी और कॉर्निया ट्रांसप्लांट के लिए प्राप्त की। इसके बाद शनिवार की रात 9.14 बजे टीम पीजीआई पहुंची। यहां करनाल के मरीज में एक किडनी प्रत्यारोपित की गई। वहीं, दूसरी किडनी प्रत्यारोपण के लिए ठीक नहीं पाई गई।