चंडीगढ़ में इलेक्ट्रिक बस के ट्रायल का एक महीना पूरा हो गया है। 11 अगस्त को पूर्व प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने पहली इलेक्ट्रिक बस को हरी झंडी दिखाई थी। एक महीने के ट्रायल के दौरान कंपनी को कुछ छोटे तकनीकी बदलाव करने का निर्देश दिया गया था। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सितंबर के आखिर में आने वाली बसें अब कुछ बदलावों के साथ ही आएंगी।
एक महीने के ट्रायल के बाद परिवहन विभाग के अधिकारी इन बसों से संतुष्ट हैं। विभाग के निदेशक प्रद्युमन सिंह ने बताया कि पिछले कुछ समय से बसों को ट्रायल पर ही चलाया जा रहा है। इसमें विभाग ने कुछ छोटी कमियों की पहचान की है और कंपनी को इस बात की जानकारी दे दी है। हालांकि ये कमियां बहुत मामूली हैं।
उन्होंने बताया कि सीटों के नीचे अग्निशमक यंत्र रखे हुए थे, जिनकी जगह बदलने के लिए कहा गया है। साथ ही इलेक्ट्रिक डिस्प्ले में भी कुछ सुधारों का सुझाव दिया गया है। कंपनी ने विभाग को आश्वस्त किया है कि सितंबर के आखिर में वह 19 बसें भेजेंगे, जिनमें ये बदलाव किए जाएंगे। प्रद्युमन सिंह ने बताया कि 19 बसों के आने के बाद अक्तूबर में बसें चलाने पर फैसला लिया जा सकता है। हालांकि प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल इस बारे में आखिरी फैसला लेंगे।
36 लोगों के बैठने की जगह, एक दिन में करीब 300 किमी तक चलेगी बस
40 इलेक्ट्रिक बस के लिए परिवहन विभाग और अशोक लेलैंड कंपनी के बीच करार हुआ है। कंपनी के अनुसार बस में 36 लोगों के बैठने की जगह है और अधिकतम 54 लोग सफर कर सकेंगे। बस दो से तीन घंटे में फुल चार्ज हो जाएगी और एक बार चार्ज होने के बाद बस करीब 140 किलोमीटर चलेगी।
एक दिन में बस 200 से 300 किमी तक चलेगी। बस में फास्ट चार्जिंग बैटरी लगाए गए हैं, जो सबसे आधुनिक हैं और जल्द चार्ज हो जाते हैं। इसके लिए सेक्टर-25 के डिपो नंबर-3 में चार्जिंग स्टेशन बनाया गया है। इस बस में आग का पता लगाने और अलार्म सिस्टम (एफडीएसएस) भी लगाया गया है।