मुस्लिम बहुल इस हलके में शहरी क्षेत्रों में कांग्रेस व गांवों में इनेलो की हवा है। इस हवा में किसकी चिंगारी आग बनकर दूसरे के अरमानों को जलाती हैं, इस पर तस्वीर साफ नहीं है क्योंकि दोनों ही प्रत्याशी खुद इस हवा का आकलन नहीं कर पा रहे।
एक साल पहले नूंह हिंसा के कारण पूरे देश में चर्चा में आए नूंह में इस बार दो बड़े राजनीतिक घरानों में वर्चस्व की चिंगारी सुलग रही है। मुख्य मुकाबला यहां के कांग्रेस व इंडियन नेशनल लोकदल के प्रत्याशियों में ही है।
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इनेलो से यासीन खानदान की चौथी पीढ़ी के ताहिर हुसैन अपनी राजनीतिक पारी शुरू करना चाहते हैं। उनके सामने कांग्रेस से वरिष्ठ नेता स्व. खुर्शीद अहमद के पुत्र और दो बार के विधायक व मंत्री रह चुके सीएलपी उपनेता आफताब अहमद हैं। भाजपा के टिकट से कुंवर संजय सिंह भी मैदान में हैं, लेकिन उनकी चर्चा कम है। मुस्लिम बहुल इस हलके में शहरी क्षेत्रों में कांग्रेस व गांवों में इनेलो की हवा है। इस हवा में किसकी चिंगारी आग बनकर दूसरे के अरमानों को जलाती हैं, इस पर तस्वीर साफ नहीं है क्योंकि दोनों ही प्रत्याशी खुद इस हवा का आकलन नहीं कर पा रहे।