फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Haryana: जेलों में बंद कुख्यात बदमाश अपने गुर्गों से करवा रहे वारदात, सरकार ने शुरू की अपराध का नेटवर्क तोड़ने की तैयारी 

Tue, 24 May 2022 04:48 PM IST
निवेदिता वर्मा सोमदत्त शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

हरियाणा सरकार को मिली खुफिया रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली तिहाड़ जेल में बंद हरियाणा के बदमाश भी प्रदेश में अपराध करवा रहे हैं। इसे लेकर सरकार दिल्ली पुलिस के साथ तालमेल कर काम कर रही है।
विज्ञापन
जेल में बैठे अपराधी चला रहे गैंग। - फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरियाणा और दिल्ली की जेलों में बंद प्रदेश के कुख्यात बदमाश जेलों के बैठे-बैठे ही अपने गैंग का संचालन कर रहे हैं। बदमाशों का नेटवर्क इतना मजबूत है कि जेल के अंदर से ही वे बड़े आराम से बाहर तमाम आपराधिक गतिविधियां चला रहे हैं। अपने गुर्गों के माध्यम से व्यापारियों, प्रतिष्ठित लोगों से न केवल रंगदारी मांगी जा रही हैं, बल्कि लूट, डकैती समेत अन्य गंभीर वारदातों को भी अंजाम दिला रहे हैं। 

विज्ञापन


हरियाणा सरकार के पास इसकी खुफिया रिपोर्ट पहुंची है। हरियाणा में करीब 130 कुख्यात बदमाश हैं। इनमें से 100 अलग-अलग जेलों में बंद हैं, जबकि 30 गैंगस्टर्स फरार चल रहे हैं। गंभीर बात ये है कि दिल्ली की तिहाड़ समेत अन्य जेलों में बंद हरियाणा के 10 से अधिक गैंगस्टर्स भी हरियाणा में वारदात करवा रहे हैं। हाल ही में 9 मई को दिल्ली की मंडोली जेल में बंद गैंगस्टर अजीत मोटा ने बादली के पूर्व सरपंच अमित छानपाडिया के घर के सामने बदमाश भेजकर गोली चलवाई और रंगदारी मांगी थी। इनके अलावा, कुख्यात गैंगस्टर काला जठेड़ी, विक्की, मनोज मोरखेड़ी आदि बदमाश भी वारदातों को अंजाम दिला रहे हैं।

नेटवर्क तोड़ने की रणनीति, दिल्ली से बैठकों का दौर जारी

सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए जेलों में बंद बदमाशों का नेटवर्क तोड़ने की तैयारी कर ली है। इसके लिए शुरुआत में ऐसे बदमाशों को चिह्नित किया जा रहा है। साथ ही जिला जेल अधिकारियों को भी कुख्यात बदमाशों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इन बदमाशों से कौन-कौन मिलने आता है, इसका रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। इसके अलावा, दिल्ली पुलिस और दिल्ली जेल प्रशासन से भी कई दौर की बैठकें जारी हैं, ताकि बदमाश बाहर संपर्क न कर सकें। हरियाणा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ऐसी रणनीति तैयार की जा रही है कि कम से कम जेल के अंदर बैठे बदमाश बाहर किसी वारदात में शामिल न हो सकें। इनका नेटवर्क तोड़ने के लिए कई अहम फैसले लिए जा रहे हैं।

सरकार के रडार पर जेल अधिकारी

बदमाशों का नेटवर्क जारी रखवाने में जेल अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। ऐसे संदिग्ध जेल अधिकारी भी सरकार के रडार पर आ गए हैं। आशंका है कि जेल अधिकारियों की मेहरबानी से ही बदमाश बाहर नेटवर्क बनाए हुए हैं। गौर हो कि पिछले साल कैदी से रिहाई के नाम पर 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में हिसार जेल-1 के पूर्व अधीक्षक शमशेर सिंह दहिया को निलंबित किया गया था। वहीं, रेवाड़ी के जेल अधीक्षक अनिल कुमार पर भी भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लग चुके हैं। इनके अलावा भी कई जेल अधिकारियों की शिकायतें सरकार के पास आ रही हैं। 
 

कुख्यात बदमाशों के लिए रोहतक में 76 करोड़ रुपये की लागत से 19.5 एकड़ में अलग से हाई सिक्योरिटी जेल बनाई जा रही है। इसमें हार्डकोर कैदियों को रखा जाएगा। बदमाशों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए एक बैरक में एक ही बंदी रहेगा, साथ ही सीसीटीवी समेत जैमर आदि से लैस होगी। - रणजीत सिंह, जेल मंत्री।

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें