किसानों की महापंचायत से पहले की तमाम आशंकाओं से भरी सोमवार की रात जहां किसान नेताओं ने तैयारियों में गुजारी तो पुलिस भी मोर्चाबंदी में जुटी रही। यूं तो शाम से ही पुलिस ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी थीं लेकिन ज्यों-ज्यों रात गहराई त्यों-त्यों पुलिस की तैयारियां भी रफ्तार पकड़ती रहीं हैं।
मध्यरात्रि तक नई अनाज मंडी से सटे सेक्टर-3 स्थित औद्योगिक क्षेत्र को कंटीले तार और बांसों से सील कर दिया गया ताकि अनाज मंडी से किसी भी तरफ से किसान निकल न पाएं। रात्रि 12:30 बजे तक औद्योगिक क्षेत्र के सात गेट सील किए जा चुके थे। पुलिस को आशंका है कि किसान माहौल बिगड़ने पर अनाज मंडी से औद्योगिक क्षेत्र में प्रवेश कर सकते हैं। लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों, श्रमिकों का अमला सीलिंग की कार्रवाई में जुटा रहा।
मध्य रात्रि एक बजे के करीब पुलिस अधीक्षक गंगाराम पूनिया अपनी फोर्स के साथ जीटी रोड स्थित गुरु ब्रह्मानंद चौक पर इंतजामों का जायजा लेते दिखाई दिए। शहर से जिन रास्तों से जीटी पर चढ़ा जा सकता है, उन सभी बिंदुओं पर बड़ी संख्या में बैरिकेड रख दिए गए थे, ताकि सुबह मोर्चा संभाला जा सके।
किसानों की महापंचायत के बाद अगला लक्ष्य लघु सचिवालय पहुंचने का है। इस कारण यहां जीटी रोड के निर्मल कुटिया चौक से लघु सचिवालय गेट तक बैरिकेड के ढेर लगा दिए गए थे। पांच ट्रॉले भी खड़े दिखाई दिए। इनका प्रयोग पहले की तरह रास्ता रोकने के लिए किया जा सकता है। उधर, किसान नेता भी विभिन्न जगहों से किसानों को करनाल बुलाने में जुटे रहे।
प्रजातांत्रिक देश में सभी को आंदोलन का अधिकार: विज
गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि प्रजातांत्रिक देश है और प्रजातांत्रिक देश में किसी को भी आंदोलन करने का अधिकार है लेकिन आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए। हमने पूरी व्यवस्था कर ली है और आम आदमी के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। उन्होंने बताया कि कुछ रास्तों का रूट डायवर्ट किया गया है।
आंदोलन की आड़ में आम आदमी की स्वतंत्रता को किसी भी तरह का खतरा नहीं होने देंगे। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पुलिस फोर्स करनाल के अंदर लगाई है। विज ने कहा कि एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर नवदीप विर्क की हमने ड्यूटी लगाई है कि कल वह घेराव के दौरान वहीं मौजूद रहेंगे। अनिल विज ने कहा कि कोई भी प्रदर्शन करता है तो करे लेकिन कानून के दायरे में रहकर अपनी बात रखे। शांति बनाए रखने का जिम्मा किसान नेताओं का भी है।