फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चंडीगढ़: कुख्यात अपराधियों के सामने पुलिस बेबस, एक लाख तक का इनाम रखने के बावजूद पकड़ से दूर

Mon, 06 Sep 2021 03:02 PM IST
निवेदिता वर्मा अमित गुप्ता, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

कई वारदात में अपराधियों को पकड़कर जेल भी भेजा गया है, जबकि हाई प्रोफाइल मामलों में चंडीगढ़ की स्मार्ट  पुलिस की पड़ताल धीमी पड़ने से अपराधी पकड़ से दूर होकर पुलिस के साथ आंखमिचौली का खेल खेल रहे हैं।
विज्ञापन
चंडीगढ़ पुलिस। - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चंडीगढ़ पुलिस ने वर्चस्व कायम करने लिए हत्या, अपहरण, फिरौती, धोखाधड़ी समेत अन्य आपराधिक वारदात को अंजाम देने वाले टॉप-10 कुख्यात अपराधियों की सूची बनाई है। इनमें शहर की दो बहनों समेत आठ ऐसे पुरुष अपराधी हैं, जिन्हें पकड़ने में पुलिस अब तक नाकाम रही है। इन अपराधियों पर 25 हजार से 1 लाख तक इनाम भी घोषित किया गया है।

विज्ञापन


पिछले आठ वर्षों में पुलिस ने इन अपराधियों को पकड़ने के लिए एसआईटी भी बनाई, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं लगा। खुफिया एजेंसियों की सूचना है कि इनमें से कई अपराधी विदेश पहुंच गए हैं और वहीं से गिरोह चला रहे हैं।  वहीं, पुलिस का दावा है कि इन अपराधियों को जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। पिछले आठ वर्षों में शहर के अलग-अलग सेक्टरों में कई आपराधिक वारदात को 
अंजाम दिया गया। इनमें वर्चस्व कायम करने के लिए हत्या, अपहरण, फिरौती समेत धोखाधड़ी की वारदात तक शामिल हैं। कई वारदात में अपराधियों को पकड़कर जेल भी भेजा गया है, जबकि हाई प्रोफाइल मामलों में चंडीगढ़ की स्मार्ट  पुलिस की पड़ताल धीमी पड़ने से अपराधी पकड़ से दूर होकर पुलिस के साथ आंखमिचौली का खेल खेल रहे हैं।
विज्ञापन



कनाडा भाग गया एक लाख का इनामी बलराज रंधावा
9 फरवरी 2017 को सेक्टर-9 स्थित एक क्लब में विवाद के बाद हिमाचल प्रदेश के पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह की पत्नी के भतीजे अकांक्ष की बीएमडब्ल्यू गाड़ी से कुचलकर हत्या करने का आरोपी बलराज सिंह रंधावा साढ़े चार साल बाद भी फरार है। वारदात के दो महीने बाद बलराज को भगोड़ा घोषित कर दिया गया था। चंडीगढ़ पुलिस जब बलराज को पकड़ नहीं पाई तो उस पर एक लाख का इनाम रख दिया था। पुलिस खुफिया जानकारी से पता चला कि है कि बलराज ने कनाडा में अपना ठिकाना बनाया हुआ है। चंडीगढ़ पुलिस अब जल्द ही उसे लाने की तैयारी में जुटी हुई है।

शूटर दीपक मान व नीरज चस्का की तलाश
बंबीहा गुट के इशारे पर 10/11 अक्तूबर 2020 की रात को औद्योगिक क्षेत्र में सोपू नेता गुरलाल बराड़ की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। वारदात को जैतों निवासी दीपक मान और नीरज गुप्ता उर्फ चस्का ने की थी। पुलिस जांच में पता चला कि ये दोनों शूटर सुरजीत बाउंसर हत्याकांड में भी शामिल थे। इसके बाद मलोया पुलिस ने दोनों के खिलाफ हत्या की धाराओं में मामला दर्ज किया था। आरोपियों को दबोचने के लिए पुलिस ने पंजाब, हरियाणा समेत अन्य राज्यों में इनके ठिकाने पर छापा मारा, लेकिन अब तक पुलिस दोनों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है

गैंगस्टर रिंडा पर 50 हजार का इनाम

तरनतारन के रहने वाले गैंगस्टर हरमिंदर सिंह उर्फ हरिंन्द्र उर्फ रिंडा पर चंडीगढ़ पुलिस ने 25 हजार का इनाम घोषित किया है। 9 अप्रैल 2016 को रिंडा ने पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव के दौरान गोलियां चलाकर एक इंस्पेक्टर को धमकी दी थी। इसके अलावा 9 अप्रैल 2017 को सेक्टर-38 वेस्ट स्थित गुरुद्वारा के बाहर रिंडा ने साथियों के साथ मिलकर होशियारपुर (पंजाब) स्थित खुरदा गांव के सरपंच सतनाम सिंह की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद से वह फरार है। उसे आखिरी बार सेक्टर-10 स्थित माउंट व्यू होटल में देखा गया था। पांच साल बाद भी पुलिस उसका सुराग नहीं लगा सकी है। पंजाब, महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों का रिंडा मोस्ट वांटेड है।

25-25 हजार की इनामी बहनें
मई 2012 में विदेशी महिला पैटरिशिया क्रेग से सेक्टर-24 निवासी दो बहनों  सीमा कुटीन व रेणु कुटीन ने 71 लाख की धोखाधड़ी कर ली थी। चंडीगढ़ पुलिस को आज भी इनकी तलाश है। अप्रैल वर्ष 2013 में चंडीगढ़ पुलिस ने इन्हें मोस्ट वांटेड घोषित किया था। साथ ही दोनों बहनों पर 25-25 हजार का इनाम भी रखा गया था, लेकिन पिछले आठ साल से चंडीगढ़ पुलिस दोनों बहनों का सुराग नहीं लगा सकी है।

तीन साल से गैंगस्टर हैरी चट्ठा की तलाश
24 फरवरी 2018 को सेक्टर-17 स्थित गुरु स्टूडियो के मालिक के बेटे हरप्रीत सिंह का पंजाब के गैंगस्टर हैरी चट्ठा ने साथियों के संग मिलकर सेक्टर-9 के एक जिम के बाहर से अपहरण कर लिया था। गैंगस्टर मर्सिडीज गाड़ी में हरप्रीत को घुमाता रहा और उसे छोड़ने के एवज में एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी। बाद में तीन लाख में सौदा हुआ और हरप्रीत का रिश्तेदार पैसे लेकर औद्योगिक क्षेत्र स्थित एलांते मॉल के पास पहुंचा। जहां से गैंगस्टर पैसे लेने के बाद हरप्रीत को छोड़कर फरार हो गया। गैंगस्टर हैरी चट्ठा अब भी पुलिस की पकड़ से दूर है।
विज्ञापन

ज्वेलर्स शॉप लूटने वाला 50 हजार का इनामी पकड़ से दूर

चार अगस्त 2014 को सेक्टर-22 स्थित करण ज्वेलर्स की दुकान पर एक युवक सेल्समैन को गोली मारकर करीब 12 लाख रुपये के जेवर लूटकर फरार हो गया था। सीसीटीवी में आरोपी की चेहरा भी कैद हुआ था। पुलिस कई टीमें बनाकर आरोपी की पहचान करने में जुट गई। साथ ही पंजाब, चंडीगढ़ व हरियाणा समेत राज्यों के अपराधियों का रिकार्ड खंगाला। इसके अलावा आरोपी का स्केच भी जारी किया गया, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी। बाद में चंडीगढ़ पुलिस ने आरोपी पर 50 हजार का इनाम घोषित कर दिया।

दविंदर बंबीहा गुट का खास है गौरव पटियाल उर्फ लक्की
मूलरूप से चंडीगढ़ के खुड्डा लाहौरा का रहने वाला गैंगस्टर गौरव पटियाल उर्फ लकी दविंदर बंबीहा गुट से संबंध रखता है। गुट का खास माना जाता है। यह गुट गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का विरोधी है। आए दिन पंजाब और चंडीगढ़ में इन दोनों गुटों में गैंगवार होती रहती है। मार्च 2020 में सेक्टर-38 वेस्ट में हुए सुरजीत बाउंसर हत्याकांड व अक्तूबर 2020 में औद्योगिक क्षेत्र में सोपू नेता गुरलाल बराड़ हत्याकांड की जिम्मेदारी लक्की ने ही ली थी। इसके बाद से चंडीगढ़ पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी थी। जांच में पता चला कि लक्की सौरभ पटियाल नाम से नकली पासपोर्ट पर रोमानिया भाग गया है, जबकि पुलिस रिकार्ड में लक्की का नाम गौरव पटियाल है। इस वजह से पुलिस अब तक उसे भारत नहीं ला सकी है।

झज्जर निवासी शूटर दीपक भी फरार
हरियाणा के झज्जर निवासी शूटर दीपक भी चंडीगढ़ पुलिस का मोस्ट वांटेड है। सेक्टर-34 थाना पुलिस ने 28 सितंबर वर्ष 2019 को बुड़ैल में प्रापर्टी डीलर सोनू शाह की हत्या में दीपक के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसके अलावा सेक्टर-15 में दो छात्राओं की हत्या में भी पुलिस ने दीपक पर मामला दर्ज किया है। पुलिस ने झज्जर के अलावा अन्य ठिकानों पर कई छापा मारा था, लेकिन आरोपी का कोई सुराग नहीं लगा।
 
कुख्यात अपराधियों की सूची दोबारा अपडेट की जा रही है। फरार चल रहे अपराधियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। -केतन बंसल, एसपी सिटी चंडीगढ़
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें