राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीमों ने शुक्रवार को साल 2021 के लुधियाना बम ब्लास्ट मामले में मुक्तसर और गुरदासपुर जिलों में दो व्यक्तियों के घरों में दबिश दी। एनआईए की कार्रवाई करीब छह घंटे चली। केंद्रीय एजेंसी ने 10 लाख रुपये, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और आपत्तिजनक सामग्री वाली डायरी जब्त करने का दावा किया। फिलहाल एनआईए ने किसी की गिरफ्तारी या नजरबंदी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
एनआईए सूत्रों के मुताबिक, ये दबिश मोस्ट वांटेड आतंकियों में से एक हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी मलेशिया से हिरासत में पूछताछ और एनआईए की चल रही जांच के आधार पर दी गई है। हैप्पी को दिसंबर 2022 को मलेशिया से दिल्ली आते वक्त इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया था।
हैप्पी लुधियाना ब्लास्ट का मुख्य साजिशकर्ता है। सात जनवरी को एनआईए ने मोहाली की एक अदालत में आरोप पत्र दायर कर पाकिस्तानी तस्कर समेत पांच लोगों को नामजद किया था। एनआईए के मुताबिक हैप्पी पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित खालिस्तान समर्थक संगठन इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन (आईएसवाईएफ) के सरगना लखबीर सिंह रोडे का सहयोगी है, जिसके निर्देश पर उसने पाकिस्तान से आईईडी की डिलीवरी करवाई थी। इसी आईईडी का इस्तेमाल लुधियाना की जिला अदालत में किया गया था। बम ब्लास्ट में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि छह लोग घायल हुए थे।
पंजाबी जूते-जूतियों का कारोबार है व्यापारी का
मुक्तसर में जिस व्यापारी के घर पर दबिश दी गई है, वह पंजाबी व लाहौरी जूते-जूतियों का होलसेल का कारोबार करता है। उसके पाकिस्तान के लाहौर से भी तार जुड़े हैं। सीमा पार से उसका लेन-देन भी है। टीम ने सुबह साढ़े छह बजे व्यापारी के कोटकपूरा रोड स्थित घर में कार्रवाई की है।