दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह(केजरीवाल) दावा कर रहे हैं कि कुतुब मीनार तक पहुंच चुके गाजीपुर के कूड़े के पहाड़ को खत्म कर दें लेकिन वह अभी तक यमुना को तो साफ कर नहीं पाए हैं, जो उनके राज्य के अधिकार क्षेत्र में आती है। इससे पहले पर्यावरण सुरक्षा पर एक सेमिनार को संबोधित करते हुए एके गोयल ने संत सीचेवाल के प्रयासों की सराहना की। पवित्र बेईं को साफ करने के प्रयास और पानी व हवा को बचाने के लिए सीचेवाल मॉडल को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने स्पष्ट रूप से लोगों से अपील की है कि वे अपने दम पर पर्यावरण को साफ करने के लिए आगे आएं, क्योंकि अकेले सरकारी तंत्र ऐसा नहीं कर सकता। पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय सेवानिवृत्त जस्टिस प्रीतम पाल ने कहा कि पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने के लिए लोगों को प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के खिलाफ खड़ा होना चाहिए। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज जस्टिस जसबीर सिंह, जो पंजाब एनजीटी के चेयरमैन हैं, ने भी जनता से पर्यावरण को मुद्दा बनाने की अपील की।
पंजाब के पूर्व मुख्य सचिव एससी. अग्रवाल, जो एनजीटी के वरिष्ठ सदस्य भी हैं, ने देश में बढ़ते प्रदूषण के समाधान के तौर पर रोजाना घरों के कचरे को दो कूड़ादानों में अलग करने और कचरे का स्व-प्रबंधन अपनाने पर जोर दिया। पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड(पीपीसीबी) के अध्यक्ष आदर्श पाल विज और संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने भी सेमिनार को संबोधित किया। संत सीचेवाल ने एनजीटी चेयरमैन एके गोयल व अन्य गणमान्यों को सम्मानित किया। एनजीटी चेयरमैन ने गुरुद्वारा श्री बेर साहिब में माथा टेका।