मुक्तसर में वकील के साथ पुलिस हिरासत में अमानवीय व्यवहार के मामले में नया मोड़ आ गया है। पीड़ित वकील वरिंदर सिंह संधू ने बार एसोसिएशन मुक्तसर को आरोपी पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ गिला-शिकवा दूर होने की बात कही है।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह चढ़ेवान ने वकीलों की इमरजेंसी बैठक बुला वकील वरिंदर सिंह संधू के फैसले का विरोध किया है। साथ ही बार काउंसिल आफ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट चंडीगढ़ को पत्र भेज कर वकील वरिंदर सिंह संधू का लाइसेंस रद्द करने की मांग की है।
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वहीं मामले में वीरवार को एसपी रमनदीप सिंह भुल्लर, सीआइए स्टाफ इंचार्ज इंस्पेक्टर रमन कुमार कंबोज व सीनियर कांस्टेबल हरबंस सिंह को थाना सदर पुलिस ने स्थानीय अदालत में पेश किया। अदालत ने आरोपियों का दो दिन का और रिमांड दिया है।
सूत्रों से जानकारी मिली है कि बार एसोसिएशन ने बैठक कर वकील वरिंदर सिंह के व्यवहार की निंदा की है। उन्होंने कहा कि वरिंदर ने समूचे वकील भाईचारे से धोखा किया है। वकीलों की भावनाओं व भाईचारक सांझ को ठेस पहुंचाई है। इसलिए विचार-विमर्श करने के बाद सर्वसम्मति के साथ प्रस्ताव पारित किया गया है कि वकील वरिंदर सिंह संधू को तुरंत बार एसोसिएशन की सदस्यता से निलंबित किया जाता है। साथ ही बार काउंसिल आफ पंजाब एंड हरियाणा से अपील है कि वरिंदर सिंह संधू का लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द किया जाए और उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।