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पंजाब: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिद्धू ने वापस लिया इस्तीफा, शर्त-नए एजी की नियुक्ति के बाद संभालूंगा पदभार

Fri, 05 Nov 2021 04:48 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

केदारनाथ की यात्रा से लौटने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब की राजनीति में एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं। शुक्रवार को उन्होंने प्रेसवार्ती की। 
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नवजोत सिद्धू। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू जिन मुद्दों को लेकर अपनी पार्टी और सरकार को समय-समय पर घेरते रहे हैं, उनसे वह पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। शुक्रवार को उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह मुद्दे भी उठाते रहेंगे और कांग्रेस को 80 से 100 सीटें भी जिताएंगे। 

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उन्होंने कहा कि प्रधान पद से अपना इस्तीफा वापस ले लिया है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि जिस दिन नए एडवोकेट जनरल की नियुक्ति हो जाएगी और नए डीजीपी के लिए पैनल प्राप्त हो जाएगा, वह अपने कार्यालय में काम फिर से शुरू कर देंगे। 28 सितंबर को पद छोड़ने की घोषणा करने वाले सिद्धू ने कहा कि प्रदेश प्रधान के रूप में काम करना जारी रखूंगा।

चंडीगढ़ प्रेस क्लब में शुक्रवार शाम को बुलाई प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के साथ उनके कोई मतभेद नहीं हैं लेकिन बेअदबी और नशे के कारोबार के दोनों मुख्य मुद्दों को लेकर वह अपने स्टैंड पर अडिग हैं। सिद्धू ने कहा कि इसके बावजूद वह कांग्रेस को पंजाब में आगामी चुनाव में 80 से 100 सीटों पर जीत दिलाएंगे। सिद्धू ने कहा कि पंजाब कैबिनेट बैठक में चन्नी सरकार पेट्रोल और डीजल पर वैट को घटाने का फैसला ले सकती है, जिससे प्रदेश के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
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सिद्धू ने इस्तीफा वापस लेने का एलान करते हुए कहा कि यह कोई अहम का मुद्दा नहीं, बल्कि प्रत्येक पंजाबी का सपना था और पंजाब की अंतरात्मा का सवाल था। सच तो यह है कि पार्टी के रुतबे का सवाल है। नैतिकता के बगैर सच की आवाज बुलंद नहीं की जा सकती। उन्होंने यह भी कहा कि ओहदे मायने नहीं रखते। यह तो लिबास हैं। 2017 में दो बड़े मुद्दों पर राज्य में एक सरकार गिरी और एक नई सरकार बनी। इसके बाद साढ़े चार साल बाद उन्हीं दोनों मुद्दों पर एक मुख्यमंत्री ने कुर्सी छोड़ी और एक नए मुख्यमंत्री ने कुर्सी संभाली है। उन्होंने कहा कि ये दोनों मुद्दे- बेअदबी और नशे के कारोबार के हैं।

बेअदबी और नशे पर चन्नी सरकार को घेरा
चन्नी सरकार की ओर से नियुक्त डीजीपी और एजी को लेकर फिर सवाल खड़े करते हुए सिद्धू ने कहा कि 2015 में 130 नंबर एफआईआर दर्ज हुई थी, जिसे तत्कालीन डीजीपी सुमेध सैनी ने दर्ज कराया था और उन्होंने इकबाल प्रीत सिंह सहोता को मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी का प्रमुख नियुक्त किया था। सिद्धू ने कहा कि सैनी का सीधा तालमेल तत्कालीन मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के साथ था, जिन्होंने सहोता की रिपोर्ट को क्लीनचिट दे दी। डीजीपी सैनी भी इस मामले में पाक-साफ बच गए और आज तक बेअदबी और फायरिंग मामले के किसी दोषी को सजा नहीं मिल सकी। सिद्धू ने सवाल किया कि कांग्रेस अब किस मुंह से लोगों के बीच जाएगी। सिद्धू ने सहोता को डीजीपी और देओल को एजी लगाने पर फिर सवाल उठाते हुए पूछा कि सरकार के पास अब 40 दिन का कार्यकाल बचा है। इस दौरान बेअदबी और नशे के मामलों में क्या किया जा सकेगा? उन्होंने सवाल किया कि हाईकोर्ट में दाखिल नशा तस्करों संबंधी सीलबंद रिपोर्ट को सार्वजनिक करने के लिए क्या कदम उठाए गए?
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पेट्रोल-डीजल पर वैट घटा सकती है चन्नी सरकार
नवजोत सिद्धू ने उम्मीद जताई कि चन्नी सरकार मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान राज्य में पेट्रोल और डीजल पर वैट घटाने पर फैसला ले सकती है। उन्होंने राज्य में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती का समर्थन करते हुए कहा कि लोगों को इससे राहत की जरूरत है। उन्होंने संकेत दिए कि सरकार वैट में कटौती की सीमा तय करने पर विचार कर रही है। केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने के बाद देशभर में भाजपा शासित राज्यों ने वैट में कटौती कर पेट्रोल और डीजल के दाम घटा दिए हैं, लेकिन अब तक विपक्ष शासित राज्यों ने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया है और पंजाब सहित इन राज्यों में केवल केंद्र द्वारा लागू कटौती ही अमल में लाई गई है।

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