पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि भगवंत मान सरकार के खिलाफ बोलने वालों को रातों-रात पर्चे दर्ज करके जेलों में डाला जा रहा है। सिद्धू ने सवाल किया कि क्या यही सिस्टम सृजित करने के लिए आप सरकार सत्ता में आई थी। असली एफआईआर में विधायक सुखपाल सिंह खैरा का नाम नहीं था।
बावजूद इसके करीब 10 साल से खैरा के सिर पर तलवार लटका रखी है। जब खैरा के पास से कोई बरामदगी नहीं हुई तो फिर क्यों साल 2015 के पुराने मामले में उन्हें जानबूझ कर फंसाया जा रहा है। शनिवार को नाभा जेल में बंद सुखपाल सिंह खैरा से आधे घंटे तक नवजोत सिंह सिद्धू ने मुलाकात की थी।
गौरतलब है कि हाल ही में सुखपाल खैरा को जलालाबाद पुलिस ने ड्रग मामले में गिरफ्तार किया है। इसके बाद अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में नाभा जेल भेज दिया है। एक सवाल के जवाब में सिद्धू ने कहा कि पंजाब के पास देने के लिए पानी की एक बूंद नहीं है। इसलिए हरियाणा को पानी देने का सवाल ही पैदा नहीं होता है।
उन्होंने कांग्रेसी नेताओं व कार्यकर्ताओं को पार्टी हाईकमान के आदेश का पालन करने की सलाह दी। मान सरकार को घेरते हुए सिद्धू ने कहा कि सरकार सरपंचों व पंचों के अधिकार छीनने की कोशिश कर रही है। इस मसले पर शुरुआत से ही सरकार के खिलाफ खड़े हैं और आगे भी डटे रहेंगे। अगर मान सरकार पंजाब की भलाई के लिए काम करेगी तो वह उनका समर्थन करेंगे। इस दौरान सिद्धू ने पंजाब सरकार की ओर से समय से पहले पंचायतों को भंग करने के फैसले को भी गलत बताया।