धरने पर बैठा गूंगा पहलवान व नवीन जयहिंद को ले जाता पुलिसकर्मी।
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मंगलवार को नवीन जयहिंद भेष बदल कर पुलिस को चकमा देकर हरियाणा विधानसभा के दरवाजे तक पहुंच गए। जयहिंद अपने साथ गीता, गंगाजल, गाय का गोबर, गोस्से व गौमूत्र लेकर पहुंचे थे। पुलिस के बेरिकेड्स को पार कर जैसे ही उन्होंने आगे की तरफ कूच किया तो पुलिस ने उनको हिरासत में ले लिया।
इससे पहले भी जयहिंद एचपीएससी के कार्यालय का घेराव कर चुके हैं और सेक्टर 17 में प्रदर्शन कर चुके हैं। नवीन जयहिंद ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वे प्रदेश के 30 लाख बेरोजगारों के साथ खड़े है और उनकी प्रमुख 10 मांगों को लेकर वह विधानसभा के दरवाजे पर पहुंचे है। विधानसभा में मुख्यमंत्री व पूरा मंत्रिमंडल गीता की कसम खाए कि उनकी सरकार में भर्तियों में भ्रष्टाचार नहीं हो रहा है। नौकरियों में पर्ची-खर्ची नहीं चल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार और विपक्ष नौकरियों के मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है। विधानसभा में शेर पढ़े जा रहे हैं, कोई नीति नहीं बनाई जा रही है।
अब विधानसभा के बाहर धरने पर बैठा पद्मश्री गूंगा पहलवान
पद्मश्री वीरेंद्र सिंह गूंगा पहलवान अपनी मांग को लेकर मंगलवार को विधानसभा के बाहर धरने पर बैठ गए। विधानसभा में कांग्रेस इसका समर्थन किया। सदन में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि पॉलिसी के हिसार से पहलवान का 8 करोड़ रुपये बनता है लेकिन सरकार दे नहीं रही है। कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने भी गूंगा पहलवान की मांग का समर्थन किया और सरकार से मांग की है कि इनका समाधान किया जाए।
बता दें कि इससे पहले गूंगा पहलवान ने दिल्ली में हरियाणा भवन के बाहर धरना दिया था। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद धरना खत्म किया था। इसके बाद सीएम से लेकर खेल निदेशक तक मिल चुके हैं लेकिन उनकी मांग पूरी नहीं हो रही है। पहलवान का कहना है कि डीफ खिलाड़ियों को भी पैरालंपिक खिलाड़ियों के समान दर्जा दिया जाए।