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पानीपत में हादसा: यमुना नहर में डूबने से राष्ट्रीय महिला पहलवान की मौत, दो अन्य खिलाड़ियों को बचाया गया

Sun, 17 Apr 2022 06:25 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, समालखा/पानीपत (हरियाणा)

सार

यमुना नहर में डूबने से 17 वर्षीय राष्ट्रीय महिला पहलवान तनिष्का की मौत हो गई। परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम के ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
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तनिष्का की फाइल फोटो। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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राष्ट्रीय स्तर की पहलवान तनिष्का (17) की रविवार सुबह यमुना नहर में डूबने से मौत हो गई। वहीं उसके साथ कुश्ती का अभ्यास करने वाली दो और पहलवान भी नहर में बहने लगीं, जिन्हें ग्रामीणों ने बचा लिया लेकिन तनिष्का को नहीं बचाया जा सका। परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कराए ही अंतिम संस्कार कर दिया। 

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गांव पट्टीकल्याणा की तनिष्का उर्फ तान्या राष्ट्रीय स्तर की पहलवान थीं। वह 12वीं में पढ़ रही थीं। विभिन्न चैपिंयनशिप में पदक हासिल कर उन्होंने नाम रोशन किया था। इन दिनों वह श्रीलंका में होने वाली अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप की तैयारी कर रही थीं। रविवार की सुबह भी वह हथवाला में यमुना नहर के किनारे अभ्यास करने पहुंचीं। इसके बाद करीब आठ बजे तनिष्का अपनी साथी पहलवान रेणु और एक 12 वर्षीय जूनियर पहलवान के साथ नहर में नहाने चली गईं। इस दौरान तीनों गहराई में चली गईं और डूबने लगीं। 

मदद के लिए आवाज लगाने पर कोच और ग्रामीणों ने नहर में छलांग लगाकर बचाने का प्रयास किया। मशक्कत के बाद रेणु और 12 वर्षीय जूनियर पहलवान को बचा लिया, जबकि तनिष्का को नहीं बचाया जा सका। तनिष्का को जब तक बाहर निकाला जाता तब तक मौत हो चुकी थी। तनिष्का को नहर से बाहर निकालकर सिविल अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। तनिष्का के भाई सुरेंद्र ने बताया कि वह श्रीलंका में होने वाली इंटरनेशनल चैंपियनशिप जीतने के लिए कड़ा अभ्यास कर रही थी लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था।  

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सिर्फ रविवार को ही नहर किनारे होता था अभ्यास 
सुरेंद्र ने बताया कि बहन तनिष्का रोज कुश्ती अकेडमी में अभ्यास करती थी लेकिन हर रविवार को नहर के किनारे अभ्यास किया जाता था। सिर्फ तनिष्का ही नहीं बल्कि सभी खिलाड़ी नहर के किनारे रविवार को अभ्यास करते थे। तनिष्का के दो छोटे भाई हैं, जो कबड्डी खिलाड़ी हैं। बड़ी बहन पढ़ाई कर रही है।

हर मैच जीतने का जुनून रखने वाली मौत से लड़कर हारी 
हर चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली राष्ट्रीय कुश्ती खिलाड़ी मौत से हार गई। इससे पहले नहर में डूबते समय काफी हाथ पांव मारे लेकिन सफल नहीं हो सकी और कुश्ती का उभरता सितारा महज 17 साल की उम्र में डूब गया। यही नहीं ग्रामीणों और कोच को भी तनिष्का को न बचा पाने का मलाल है।

गांव में कुश्ती का क्रेज देखकर जोश, जुनून और हौसले के साथ 13 वर्ष की उम्र में कुश्ती की शुरुआत करने वाली पट्टीकल्याणा निवासी पहलवान तनिष्का उर्फ तान्या का सपना ओलंपिक में भारत के लिए पदक जीतने का था। 

कुश्ती कोच विनोद ने बताया कि तनिष्का कहीं भी खेलने जाती तो उसका सिर्फ एक ही मकसद रहता था कि पदक जीतकर ही लौटना है और इसे उसने साबित भी किया था। हर कुश्ती चैंपियनशिप में वह पदक जीतकर आती थी। स्टेट कुश्ती चैंपियनशिप और स्कूली कुश्ती चैंपियनशिप में तनिष्का स्वर्ण पदक जीत चुकी थी। यही नहीं अलग-अलग प्रतियोगिताओं में दो स्वर्ण पदक के अलावा पांच रजत और कई कांस्य पदक जीत चुकी थी। 

अब वह श्रीलंका में आयोजित होने वाली जूनियर इंटरनेशनल कुश्ती प्रतियोगिता के लिए रोजाना छह घंटे अभ्यास कर रही थी। उसका सपना था कि वह ओलंपिक तक खेले और भारत के लिए पदक जीतकर लाए। यही कारण है कि ज्यादा समय तक अभ्यास करने पर जब कोच उन्हें घर जाने के लिए बोलते थे तो कहती थी कि ओलंपिक तक जाने के लिए बहुत मेहनत करनी होती है। उधर, जिला कुश्ती संघ एसोसिएशन ने तनिष्का की मृत्यु पर गहरा शोक जताया है। पूर्व अंतरराष्ट्रीय कोच प्रेम सिंह अंतिल एवं संरक्षक दिलबाग सिंह खरब ने बताया कि ऐसे होनहार खिलाड़ी की मृत्यु से कुश्ती संघ को बड़ी हानि हुई है। 
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