केंद्र सरकार की ओर से बुधवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति को मंजूरी दे दी गई। यह नीति शिक्षाविदों को भी रास आई। सभी ने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ है कि शिक्षा नीति सभी के सुझावों को लेकर बनाई गई है। इस शिक्षा नीति से उच्च शिक्षा को नई ऊंचाई मिलेगी। डिग्री से लेकर हर प्रकार के कोर्सेज में बदलाव होंगे। इस नीति के जरिये रोजगार के रास्ते भी खुलेंगे।
क्या कहते हैं शिक्षाविद
राष्ट्रीय शिक्षा नीति का ड्राफ्ट लगभग दो साल लोगों के बीच रहा। स्कूल, कॉलेजों में डिस्कशन हुए। सुझाव सरकार ने मांगे ओर उसके बाद शिक्षा नीति को मंजूरी दी गई। पहली बार ऐसा हुआ है। इससे शिक्षा, समाज व राष्ट्र का भला होगा।
- प्रो. देवेंद्र सिंह, लॉ विभाग, पीयू
उच्च शिक्षा में होगा सुधार
राष्ट्रीय शिक्षा नीति का हम स्वागत करते हैं। इसमें डिग्री प्रोग्राम से लेकर कई तरीकों के बदलाव हुए हैं। सरकारी व निजी शिक्षण संस्थानों के शिक्षा मानकों को एक रखा गया है। इससे उच्च शिक्षा में और सुधार होगा।
- प्रो. एमसी सिद्धू, बॉटनी विभाग, पीयू
सरकार का ऐतिहासिक निर्णय
केंद्र सरकार का यह ऐतिहासिक निर्णय है। पहली बार किसी सरकार ने जनता, शिक्षाविदों के सुझावों से नीति पास की है। इस शिक्षा नीति की बहुत पहले जरूरत थी। इस नीति के जरिये उच्च शिक्षा को पंख लगेंगे और रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे।
- डॉ. सुभाष शर्मा, सीनेटर, पीयू