पीजीआई चंडीगढ़ की ओर से कोविड-19 खतरे के बीच बीएससी नर्सिंग की प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई। कसौली के बहुत से परीक्षार्थी परीक्षा देने से वंचित रह गए, जिसका मुख्य कारण चंडीगढ़ व पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्र बीबीएन (बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़) और अन्य क्षेत्रों में लॉकडाउन होने के कारण वाहनों की आवाजाही न हो पाना रहा। कोरोना महामारी के कारण टैक्सी चालकों ने भी जाने से मना कर दिया।
इस कारण दर्जनों छात्राएं परीक्षा देने से वंचित रह सकीं। इसमें हिमाचली अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र भी बठिंडा जैसे दूरस्थ स्थानों पर दिया गया, जहां पहुंचना मुश्किल था। हिमाचल के अभ्यर्थियों को चंडीगढ़ व पंजाब की सीमा पर स्थित परीक्षा केंद्र आवंटित किए जाने चाहिए थे। कसौली तहसील के गांव बलोटा (गोयला) की प्रिया शर्मा ने बताया कि सभी विद्यार्थियों को यह विश्वास था कि कोविड-19 महामारी के चलते यह परीक्षा आगामी तिथि तक स्थगित रहेगी।
पीजीआई चंडीगढ़ प्रशासन ने परीक्षा को स्थगित न करने का नोटिस भी 27 जुलाई शाम को ही लगाया। परीक्षा संबंधी सूचना भी ई-मेल से 27 जुलाई की शाम को ही दी गई, जो हिमाचल छात्र-छात्राओं के साथ अन्याय है। उन्होंने पीजीआई प्रशासन से मांग की है कि विद्यार्थियों के हितों का ध्यान रखते हुए यह परीक्षा रद्द होनी चाहिए तथा इसका दोबारा से आयोजन किया जाना चाहिए।